एमपी में बीजेपी की प्रचंड जीत से कमलनाथ सरकार को संजीवनी, पशोपेश में फंसी बीजेपी
कांग्रेस को राहत तभी मिलेगी, जब डामोर विधायकी छोड़ दिल्ली आ जाएं, लेकिन बीजेपी सूत्रों का दावा है कि फिलहाल विधायक को पार्टी ने इस्तीफा नहीं देने को कहा है।
कांग्रेस को राहत तभी मिलेगी, जब डामोर विधायकी छोड़ दिल्ली आ जाएं, लेकिन बीजेपी सूत्रों का दावा है कि फिलहाल विधायक को पार्टी ने इस्तीफा नहीं देने को कहा है।
मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 29 में से 28 सीटें जीतकर कांग्रेस का लगभग सूपड़ा साफ कर दिया, सीएम कमलनाथ के बेटे नकुल नाथ सिर्फ एक सीट बचा पाए, सत्ता में रहने के बावजूद मध्य प्रदेश में कांग्रेस की शर्मनाक हार हुई, हालांकि 28 सीटों में से एक सीट कांग्रेस के लिये राहत की खबर लेकर आई है, ये सीट है रतलाम-झाबुआ लोकसभा सीट, जहां से नवनिर्वाचित सांसद जीएस डामोर को अब विधायक पद से इस्तीफा देना होगा, इसकी वजह से प्रदेश में कांग्रेस सरकार को फायदा मिलेगा।कांग्रेस के लिये राहत
रतलाम-झाबुआ लोकसभा से निर्वाचित सांसद जीएस डामोर विधायक भी हैं, हालांकि जिस दिन वो विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा देंगे, वो दिन कांग्रेस के लिये राहत भरा होगा,
क्योंकि 230 विधानसभा सदस्यों वाले विधानसभा में डामोर के इस्तीफे के साथ 229 सदस्य बचेंगे, अब बहुमत के लिये 115 सदस्यों की जरुरत होगी, कांग्रेस के पास 114 विधायक हैं, यानी अब बहुमत के लिये सिर्फ 1 विधायक की जरुरत होगी।
अल्पमत का आरोप
इस सीट पर जब तक उपचुनाव नहीं हो जाती है, तब कर कांग्रेस के लिये राहत है, क्योंकि उन्हें किसी के समर्थन की जरुरत नहीं पड़ेगी,
बीजेपी नेता पिछले कुछ दिनों से दावा कर रहे हैं कि कमलनाथ सरकार अल्पमत में है, हालांकि हाल ही में सीएम कमलनाथ ने कहा कि उनकी सरकार को 121 विधायकों का समर्थन है।
इस्तीफा ना देने का कहा
कांग्रेस को राहत तभी मिलेगी, जब डामोर विधायकी छोड़ दिल्ली आ जाएं, लेकिन बीजेपी सूत्रों का दावा है कि फिलहाल विधायक को पार्टी ने इस्तीफा नहीं देने को कहा है,
हालांकि प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह कहते हैं कि अगर उन्हें लोकसभा चुनाव लड़वाया है, तो उनका इस्तेमाल पार्टी संसद में ही करेगी, फिलहाल 14 दिनों का समय है, सारे तकनीकी पक्ष पर विचार करने के बाद फैसला लिया जाएगा।
कांग्रेस को पूर्ण बहुमत
डामोर झाबुआ विधानसभा से विधायक हैं, अगर यहां उपचुनाव होता है, और उसमें कांग्रेस जीतती है, तो ये उनके लिये संजीवनी का काम करेगा,
हालांकि कांग्रेस बार-बार बीजेपी पर विधायकों को प्रलोभन देने और तोड़ने का आरोप लगा रही है, विधायकों को बचा कर रखना भी उनके लिये बड़ी जिम्मेदारी होगी।



