जदयू के मोदी सरकार में शामिल नहीं होने पर नीतीश के खासमखास ने लिखी दिल की बात, बयां किया दर्द
जदयू नेता ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को मेरे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो पाने से निराश होने की जरुरत नहीं है, जीवन एक निरंतर चलते रहने की प्रक्रिया है, तथा और भी ऐसा कई अवसर आते रहेंगे।
जदयू नेता ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को मेरे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो पाने से निराश होने की जरुरत नहीं है, जीवन एक निरंतर चलते रहने की प्रक्रिया है, तथा और भी ऐसा कई अवसर आते रहेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खासमखास कहे जाने वाले जदयू महासचिव आरसीपी सिंह को केन्द्रीय मंत्री बनने को लेकर लोगों ने शपथ ग्रहण से पहले ही बधाईयां और शुभकामनाएं देनी शुरु कर दी थी, बड़ी संख्या में उनके समर्थक, कार्यकर्ता और शुभचिंतकों ने उन्हें मंत्री बनने के लिये अग्रिम बधाई दी, हालांकि नीतीश कुमार के फैसले ने उनके मंत्री बनने के सपने को तोड़ दिया।जदयू ने कैबिनेट में शामिल होने से किया इंकार
आरसीपी सिंह ने सभी को थैंक यू भी बोला, हालांकि ऐन मौके पर आरसीपी केन्द्रीय मंत्री बनने से वंचित रह गये, क्योंकि जदयू ने मोदी कैबिनेट में शामिल होने से इंकार कर दिया।
जिसके बाद अब आरसीपी सिंह ने अपने शुभचिंतकों और समर्थकों को ढांढस बंधाते हुए फेसबुक पोस्ट लिखा है, उन्होने कहा है कि घबराने की जरुरत नहीं है, कैबिनेट का हिस्सा नहीं बनने से चिंतित या परेशान होने की जरुरत नहीं है।
सभी को धन्यवाद
जदयू महासचिव ने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है कि आप सभी साथियों ने कल मुझे बधाई संदेश और शुभकामनाएं भेजी, आपने जो प्यार और अपनापन मेरे प्रति दिखाया है,
उसके लिये सभी कार्यकर्ताओं और साथियों को बहुत-बहुत धन्यवाद। आपका स्नेह, सहयोग और विश्वास ही मेरा एक मात्र संबल है।
निराश होने की जरुरत नहीं
जदयू नेता ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं को मेरे मंत्रिमंडल में शामिल नहीं हो पाने से निराश होने की जरुरत नहीं है, जीवन एक निरंतर चलते रहने की प्रक्रिया है,
तथा और भी ऐसा कई अवसर आते रहेंगे, मंजिलें आती रहेंगी। हमें निराश होने के बजाय और अधिक ऊर्जा के साथ पार्टी और संगठन को मजबूत करना है, पार्टी को पूरी मजबूती के साथ आगे बढाना है।
नीतीश ने किया मना
आपको बता दें कि बीजेपी ने दूसरे सहयोगियों की तरह ही जदयू को भी 1 मंत्री पद का प्रस्ताव दिया था, लेकिन नीतीश कुमार ने ये प्रस्ताव ठुकरा दिया,
वो चाहते थे कि कम से कम तीन मंत्री पद 2 कैबिनेट और एक राज्यमंत्री जदयू को मिले, बात ना बनने पर उन्होने कैबिनेट में शामिल होने से इंकार कर दिया, नीतीश शपथ ग्रहण में भी शामिल हुए थे।



