करारी हार से लालू यादव की पार्टी में हड़कंप, तेजस्वी से इस्तीफे की मांग, नहीं तो टूटेगी पार्टी
चुनाव में मिली करारी हार के बाद मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट से राजद विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने मोर्चा खोल दिया है, उन्होने तेजस्वी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किये हैं।
चुनाव में मिली करारी हार के बाद मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट से राजद विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने मोर्चा खोल दिया है, उन्होने तेजस्वी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किये हैं।
लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद विपक्षी पार्टियां मंथन कर रही है, तो कुछ पार्टियों में खलबली मची हुई है, बिहार में महागठबंधन करने के बावजूद लालू की पार्टी का खाता नहीं खुला, 40 में से 39 सीटों पर एनडीए जीती, तो सिर्फ एक सीट कांग्रेस पाने में सफल रही, ऐसे चुनाव परिणाम के बाद लालू की पार्टी में भी खलबली मच गई है, राजद विधायक ने तेजस्वी यादव से इस्तीफे की मांग की है।पार्टी टूटने की धमकी
चुनाव में मिली करारी हार के बाद मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट से राजद विधायक महेश्वर प्रसाद यादव ने मोर्चा खोल दिया है, उन्होने तेजस्वी के नेतृत्व पर सवाल खड़े किये हैं,
उन्होने लालू के लाल से इस्तीफे की मांग की है, इसके साथ ही ये भी धमकी दी है कि अगर नेता प्रतिपक्ष के पद से तेजस्वी इस्तीफा नहीं देते हैं, तो जल्द ही पार्टी में टूट होगा, उन्होने पार्टी की कमान किसी वरिष्ठ नेता को सौंपने की बात कही है।
परिवारवाद से नुकसान
राजधानी पटना में मीडिया से बात करते हुए महेश्वर यादव ने कहा कि मैं पहले से ही पार्टी में पदाधिकारी और उत्तराधिकारी,
परिवारवाद से इतर वरीयता को ध्यान में रखते हुए बनाये जाने का बात कहता रहा हूं, साल 1997 में जब राबड़ी देवी जी को सीएम बनाया गया, तब भी मैंने विरोध किया था, लेकिन किसी ने भी ध्यान नहीं दिया, जिसकी वजह से विधानसभा चुनाव में राजद 22 सीट और लोकसभा चुनाव में 4 सीटों पर सिमट कर रह गई।
लालू जी सबक लें
महेश्वर प्रसाद यादव ने कहा कि लालू जी को सबक लेना चाहिये, पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार कर सीधे तेजस्वी को नेता प्रतिपक्ष की कुर्सी पर बैठा दिया,
इसी का परिणाम है कि जनता ने लोकसभा चुनाव में उन्हें नकार दिया है, इस चुनाव में देश और बिहार की जनता ने परिवारवाद की राजनीति को पूरी तरह से नकार दिया है। लेकिन कुछ पार्टियां पूरी निर्लज्जता से जनादेश का अपमान कर रही है।


