तो पहले से ही तय थी मुंबई इंडियंस की जीत, ये रहे संकेत
आईपीएल इतिहास में एक बार फिर खिताब टॉस जीतने वाली टीम के ही नाम रहा, इससे पहले 11 फाइनल मुकाबलों में 8 बार टॉस जीतने वाली टीम ने बाजी मारी थी।
आईपीएल इतिहास में एक बार फिर खिताब टॉस जीतने वाली टीम के ही नाम रहा, इससे पहले 11 फाइनल मुकाबलों में 8 बार टॉस जीतने वाली टीम ने बाजी मारी थी।
आईपीएल-12 का समापन रोमांचक अंदाज में हुआ, रोहित शर्मा की कप्तानी वाली मुंबई इंडियंस ने मैच के आखिरी गेंद पर बाजी मारी, इसके साथ ही मुंबई इंडियंस ने चौथी बार खिताब पर कब्जा जमा कर इतिहास रच दिया, हालांकि कहा ये भी जा रहा है कि इस बार मुंबई का आईपीएल चैंपियन बनना पहले से ही पक्का था, दरअसल चेन्नई और मुंबई के बीच खेले गये इस फाइनल मुकाबले में इतिहास के आधार पर ऐसा दावा किया जा रहा है।एक-एक साल के अंतराल पर मिली खिताबी जीत
आईपीएल 12 के फाइनल से पहले ही ये कहा जा रहा था कि इस बार रोहित शर्मा की टीम चैंपियन बन सकती है, इसकी असली वजह ये थी कि उनकी टीम 2013, 2015 और 2017 में भी चैंपियन बन चुकी है,
यानी एक साल के अंतराल के बाद मुंबई को चमचमाती ट्रॉफी उठाने का मौका मिलता है। रोहित की कप्तानी में पिछले 7 साल में मुंबई की टीम ने चौथी बार ट्रॉफी जीती है।
100 से ज्यादा छक्के जीत की गारंटी
मुंबई की टीम ने जब-जब एक सीजन में 100 से ज्यादा छक्के लगाये हैं, तब-तब वो टूर्नामेंट जीते हैं, 2013 में मुंबई के खिलाड़ियों ने 117, 2015 में 120, 2017 में 117 और इस साल 115 छक्के लगाये हैं,
जिसके बाद अंदाजा लगाया जा रहा था कि इस सीजन को भी मुंबई इंडियंस ही जीतेगी।
टॉस बनाता है बॉस
आईपीएल इतिहास में एक बार फिर खिताब टॉस जीतने वाली टीम के ही नाम रहा, इससे पहले 11 फाइनल मुकाबलों में 8 बार टॉस जीतने वाली टीम ने बाजी मारी थी,
जबकि मुंबई इंडियंस की जीत के साथ ऐसा 9वीं बार हुआ है, यानी आईपीएल फाइनल में टॉस ही बॉस बनाता है।
धोनी पर फिर भारी पड़े रोहित
आईपीएल के इस सीजन में चार बार मुंबई और चेन्नई की भिड़ंत हुई, हर बार रोहित शर्मा की टीम ने बाजी मारी,
इससे अलग आईपीएल फाइनल में दोनों टीमों का चौथी बार आमना-सामना हुआ, जिसमें रोहित की टीम ने तीन बार जीत हासिल की है, तो एक बार धोनी को भी जीत नसीब हुई है।



