हार से बौखलाये राहुल गांधी ने वरिष्ठ नेताओं की लगा दी क्लास, कहा इस वजह से हारी कांग्रेस

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कई नेताओं ने राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को खारिज कर दिया, कुछ भावुक भी हो गये।

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कई नेताओं ने राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को खारिज कर दिया, कुछ भावुक भी हो गये।

लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद कांग्रेस में खलबली मची हुई है, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने इस्तीफे की पेशकश की, लेकिन कांग्रेस वर्किंग कमेट ने इसे नामंजूर कर दिया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक राहुल ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं पर भी नाराजगी जाहिर की, उन्होने कहा कि पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी के हित से ऊपर अपने निजी हित को रखा।

गुस्से में राहुल गांधी  
अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक मीटिंग में राहुल गांधी काफी गुस्से में दिखे, उन्होने आरोप लगाते हुए कहा पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने अपने बेटों को टिकट दिलाने के लिये खूब जोर लगाया,
राहुल ने ये बात कांग्रेस नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया की उस टिप्पणी पर कही, जिसमें उन्होने स्थानीय नेताओं को तैयार करने की बात कही थी, रिपोर्ट के मुताबिक कांग्रेस ने उन राज्यों में भी बेहद खराब प्रदर्शन किया, जहां उनकी सरकार थी।

सीएम ने बेटे के टिकट के लिये जोर लगाया
राहुल गांधी ने कहा कि राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और एमपी के सीएम कमलनाथ ने अपने बेटे के टिकट के लिये खूब जोर लगाया, जबकि वो इसके पक्ष में नहीं थे,
राहुल ने इसी संदर्भ में पूर्व मंत्री पी चिदंबरम का भी नाम लिया। बैठक में राहुल गांधी ने हार  की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि वो अध्यक्ष पद पर बने नहीं रहना चाहते, लेकिन पार्टी और इसकी विचारधारा के लिये काम करते रहेंगे। जिस पर सोनिया गांधी, प्रियंका, मनमोहन सिंह और पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेताओं ने उन्हें  रोका।

इस्तीफे के पेशकश खारिज
सूत्रों का दावा है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में कई नेताओं ने राहुल गांधी के इस्तीफे की पेशकश को खारिज कर दिया, कुछ भावुक भी हो गये।
मीटिंग में शामिल एक नेता ने कहा कि पूर्व  मंत्री पी चिदंबरम ने तो यहां तक कह दिया, कि अगर राहुल गांधी अध्यक्ष पद छोड़ते हैं, तो दक्षिण भारत के समर्थक भावना में आकर कुछ कदम उठा सकते हैं।

52 सीटों पर सिमट गई कांग्रेस
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक में राहुल गांधी के अलावा यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी, पूर्व पीएम मनमोहन सिंह, पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा और दूसरे सदस्य शामिल हुए,
लोकसभा चुनाव में पार्टी को करारी हार का सामना करना पड़ा  है, कांग्रेस सिर्फ 52 सीटों पर सिमट गई है, राहुल गांधी अमेठी तक नहीं बचा पाए, पार्टी को इस बार बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन उम्मीदों पर पानी फिर गया।