क्या होती है वेब सीरीज, आखिर क्यों बढ रही है इसकी डिमांड

आखिर वेब सीरीज की क्या खासियत है, और इसकी डिमांड बढती क्यों जा रही है।

आखिर वेब सीरीज की क्या खासियत है, और इसकी डिमांड बढती क्यों जा रही है।

पिछले दो-तीन सालों पर गौर करें, तो डिजिटल प्लेटफॉर्म पर वेब सीरीज ने धमाल मचा रखा है, दरअसल इसकी एक वजह कहानियों के साथ प्रयोग भी है, नये कंटेंट ने दर्शकों को विकल्प दिया है, टीवी से अलग होकर सास-बहू का घिसा-पिटा ड्रामा और ना ही टीवी के लंबे-लंबे ब्रेक, हालांकि अभी भी दर्शकों का एक बड़ा वर्ग है, जो वेब सीरीज से अभी भी अछूता है, आइये आपको बताते हैं, कि आखिर वेब सीरीज की क्या खासियत है, और इसकी डिमांड बढती क्यों जा रही है, ऐसे ही एक वेब सीरीज के सेट पर हम पहुंचे और वहां की एक्ट्रेस से बात की।

अरुनुज फिल्मस जल्द ही वेब सीरीज लोगो के सामने ला रहे है। जिसकी शूटिंग भगवती इंस्टीटयूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी एंड साइंस कॉलेज गाजियाबाद उत्तर प्रदेश में की जा रही है। इस वेब सीरीज को डिजिटल प्लेटफार्म पर रिलीज़ किया जाएगा। इसमें मुख्य किरदार सोनिका भंडारी निभा रही है। सोनिका टिहरी, गढवाल उत्तराखंड की रहने वाली है। सोनिका की बतौर अभिनेत्री ये पहला प्रोजेक्ट है। सोनिका ने बातचीत के दौरान बताया कि, बचपन से ही उसे अभिनय का शौक रहा। अपनी भावनाओ को व्यक्त  करने का सबसे आसान तरीका अभिनय है।
मुझे प्रत्येक व्यक्ति में अलग किरदार दिखता है और में उस किरदार को ऑब्सर्व कर के उसकी तरह करने की कोशिश करती हूँ । 

जब मुझे कोई भी संवाद (डायलाॅग ) दिया जाता था तो में बेबाक होकर बोल देती थी। लेकिन मैं कैमरा के आगे एक्ट करने में घबराहट होती थी। जब मैं इस वेब सीरीज के लिए ऑडिशन देने के लिए गयी ,
तो मेरे पैर घबराहट से काँप रहे थे । और मुझे कहा गया आप डर क्यों रहे हो। सर ने कैमरामैन को इंस्ट्रक्शन दिया कि कैमरा ऑफ करते है और तुम स्क्रिप्ट बोलो। 

आप भरोसा नहीं करेंगे कि बिना रुके मैं स्क्रिप्ट बोल दी। प्रत्येक किरदार के लिए तीन लोंगों का चयन हुआ। और फाइनली मैं इस किरदार के लिए चुनी गायी। अनुज कुमार राय सर द्वारा अरुनुज फिल्म मेकिंग एंड एक्टिंग स्कूल में १५ दिन का एक्टिंग वर्कशॉप दिया गया । करैक्टर सलेक्शन के बाद मेरे लिए चुनौती और बढ़ गयी। अनुज सर के निर्देशक में बनी मैंने कई शार्ट फिल्में, फीचर फ़िल्में मगरूरियत , कवर सांग को मैंने देखा है इनके फ़िल्में कई राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय स्तर की फिल्म फेस्टिवल में चुनाव और अवार्ड भी मिला है। मुझे इनके साथ काम करने की दिली ख़्वाहिश थी, और मैं इन्हे लगभग २ साल से जान रही हूँ । 

लेकिन मुझे इस प्रोजेक्ट में काम करने का मौका मिला, मुझे एक्टिंग के आलावा तकनीकी चीज़ो को जानने में रूचि है। सेट पर वेब सीरीज के सिनेमेटोग्राफर असलम अंसारी से मैं फ्री टाइम में तकनीक चीज़ो को जानने और समझने की कोशिश करती हूँ । असलम सर की एक अच्छी खासियत ये है कि  इनसे जब किसी भी चीज़ो के बारे में पूछो चाहे - लाइट, शॉट मूवमेंट, लाइट रूल्स  के बारे में पूछो तो वो बारीकी से वो समझते है । मेरे में किसी भी चीज़ो को जानने की उत्सुकता रहती है जिससे सामने वाला कभी कभार इर्रिटेट महसूस करता है।लकिन असलम सर धैर्य के साथ उन बातो को बताते है। इस सीरीज के सहायक निर्देशक विक्रांत कुमार, कुंदन कुमार, रूचि सलाल है। विक्रांत सहायक निर्देशक के साथ अपनी ज़िंदगी में काफी खुशमिज़ाज व्यक्ति है। स्क्रिप्ट रिहर्सल के दौरान वो बहुत ही सभ्य तौर पर बात करते है, सिचुएशन को कैसे किरदार को समझाया जाए वो भलीभांति  जानते है। जिसके लिए विषय की विभिन्न आयामों को तलाशते है और किरदार को समझाने में सहायक की भूमिका निभाते है। जब मैंने इस प्रोजेक्ट के बारे में  अपने घर , दोस्त में बताया तो सबो में ख़ुशी का माहौल है। मैं  इस प्रोजेक्ट क लिए बहुत एक्साइटेड हूँ । इससे पहले भी मुझे शाॅर्ट फिल्म के लिये कई ऑफर आये है पर मैंने इग्नोर किया। क्योंकि मैं चाहती थी जो मेरा पहला प्रोजेक्ट हो उसमे क्वालिटी वर्क हो और आख़िरकार  मुझे एक ऐसा प्रोजेक्ट अनुज कुमार रॉय सर की वजह से मिला है। इस प्रोजेक्ट से मुझे बहुत उम्मीदें  है। मुझे उनके साथ भविष्य में आगे चलकर कभी भी प्रोजेक्ट करने का मौका मिले तो मैं जरुर करना चाहूँगी। क्योंकि  उनके कामो में क्वालिटी वर्क होता है, प्रोफेशनलिज्म होता है, कोई प्रेशर नहीं होता ।