कभी सिंधिया के साथ सेल्फी के लिये रहते थे बेताब, अब चुनावी मैदान में कर दिया पस्त

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी कहे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से करीब 1 लाख वोटों से हार गये, उन्हें हराने वाले बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण पाल यादव कभी कांग्रेस के ही नेता थे।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी कहे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से करीब 1 लाख वोटों से हार गये, उन्हें हराने वाले बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण पाल यादव कभी कांग्रेस के ही नेता थे।

लोकसभा चुनाव 2019 में देश की सभी 542 सीटों पर नतीजे करीब-करीब आ चुके हैं, बीजेपी ने देश भर में प्रचंड जीत हासिल की, वहीं मध्य प्रदेश में सरकार होने के बावजूद कांग्रेस को बुरी शिकस्त का सामना करना पड़ा है, मध्य प्रदेश में बीजेपी ने 29 लोकसभा सीटों में से 28 पर जीत हासिल की है, जबकि एक सीट कांग्रेस के हिस्से में आई, सीएम के बेटे नकुलनाथ छिंदवाड़ा से जीतने में सफल रहे।

सिंधिया भी हार गये
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के करीबी कहे जाने वाले ज्योतिरादित्य सिंधिया गुना से करीब 1 लाख वोटों से हार गये, उन्हें हराने वाले बीजेपी प्रत्याशी कृष्ण पाल यादव कभी कांग्रेस के ही नेता थे,
उन्होने सिंधिया की जीत का राजदार कहा जाता था, पिछले उपचुनाव में अपनी अनदेखी से नाराज वो कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हो गये थे।

सेल्फी के लिये लाइन
एक समय ऐसा भी था, जब कृष्ण पाल ज्योतिरादित्य सिंधिया के साथ सेल्फी लेने के लिये कतार में खड़े होते थे, ये बात सिंधिया की पत्नी प्रियदर्शिनी ने कृष्णपाल को बीजेपी उम्मीदवार बनाये जाने पर कही थी,

45 वर्षीय कृष्णपाल पेश से एमबीबीएस डॉक्टर हैं, उनके पिता अशोकनगर में कांग्रेस के जिलाअध्यक्ष रहे हैं, कृष्णपाल को सिंधिया का करीबी माना जाता था।

नहीं मिला टिकट
कृष्णपाल ज्योतिरादित्य की चुनावी तैयारी को करीब से देख चुके हैं, बताया जाता है कि मुंगावली विधानसभा उपचुनाव में केपी टिकट के मुख्य दावेदार थे,
लेकिन कांग्रेस ने ऐन मौके पर उनका टिकट काट दिया, जिससे नाराज होकर उन्होने पार्टी छोड़ दी और कांग्रेस का दामन थाम लिया।

कमजोर प्रत्याशी 
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक जब सिंधिया के सामने बीजेपी ने कृष्णपाल को उतारा था, तो कहा गया कि ज्योतिरादित्य आसानी से चुनाव जीत जाएंगें,
केपी को कमजोर प्रत्याशी के रुप में देखा जा रहा था, लेकिन चुनाव प्रबंधन में उन्होने सिंधिया के पसीने छुड़ा दिये।