आईपीएल फाइनल - शार्दुल ठाकुर को है इस बात का मलाल, खोल दिये पूरे राज
शार्दुल ठाकुर ने बताया कि नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े रविन्द्र जडेजा ने उनसे कहा था कि हवा में शॉट मत मारना, ठाकुर के मुताबिक गेंद को जमीनी शॉट मारने और दौड़ कर रन बनाने का प्लान था।
शार्दुल ठाकुर ने बताया कि नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े रविन्द्र जडेजा ने उनसे कहा था कि हवा में शॉट मत मारना, ठाकुर के मुताबिक गेंद को जमीनी शॉट मारने और दौड़ कर रन बनाने का प्लान था।
आईपीएल 2019 के फाइनल में मुंबई इंडियंस ने आखिरी गेंद पर एक रन से सीएसके को हरा दिया था, दरअसल आखिरी गेंद पर सीएसके को जीत के लिये दो रन की जरुरत थी, लेकिन शार्दुल ठाकुर एलबीडबल्यू हो गये, शार्दुल अगर उस मैच को जीता देते, तो हीरो बन जाते, लेकिन मलिंगा के यॉर्कर ने उनके सपनों को तोड़ दिया, तेज गेंदबाज के दिमाग में अभी भी उस मैच की यादें चल रही है, अब वो सोच रहे हैं कि अगर उन्होने शॉट अलग तरह से खेला होता, तो नतीजा अलग होता।आखिरी दो गेंद
मलिंगा के ओवर की चौथी गेंद पर शेन वॉटसन रन आउट हो गये, जिसके बाद शार्दुल को बल्लेबाजी के लिये भेजा गया, आखिरी दो गेंदों में सीएसके को जीत के लिये चार रन की जरुरत थी,
पांचवीं गेंद पर शार्दुल ने दो रन लिये, इसके बाद आखिरी गेंद पर दो रन की जरुरत थी, लेकिन मलिंगा की धीमी यॉर्कर को शार्दुल भांप नहीं सके और एलबीडब्लयू हो गये, और मुंबई इंडियंस चौथी बार चैंपियन बन गई।
पैर बाहर कर मारना चाहिये था
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए ठाकुर ने कहा कि उन्हें अपना पैर गेंद के रास्ते से बाहर निकालकर शॉट खेलना चाहिये था, शार्दुल ने कहा कि जब मैं क्रीज पर पहुंचा,
तो मेरे दिमाग में सिर्फ जीत चल रही थी, मैदान बड़ा था, अगर गेंद दूर तक जाती, तो दो रन मिलने का मौका था, मलिंगा राउंड द विकेट गेंदबाजी कर रहा था। स्क्वेयर लेग पर फिल्डर 30 गज के दायरे में था, अगर वो गेंद बल्ले को छूती तो मैंने स्क्वेयर लेग के ऊपर से मारने का सोचा था, लेकिन नतीजा कुछ और रहा।
हवा में मत मारना
शार्दुल ठाकुर ने बताया कि नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े रविन्द्र जडेजा ने उनसे कहा था कि हवा में शॉट मत मारना,
ठाकुर के मुताबिक गेंद को जमीनी शॉट मारने और दौड़ कर रन बनाने का प्लान था, शार्दुल ने कहा कि अगर गेंद बल्ले से लग जाती, तो एक रन तो आसानी से दौड़ जाता।
हीरो बनने का मौका गंवा दिया
आखिरी गेंद के बारे में बोलते हुए शार्दुल ठाकुर ने कहा कि जब गेंद मेरे पैड में लगी तो मैं दौड़ पड़ा, मैं अंपायर की ओर देख भी नहीं रहा था, ये हीरो बनने का मौका था,
हालांकि क्रिकेट यही नहीं रुकता है, उम्मीद है कि अगली बार ऐसे मौके को हाथ से निकलने नहीं दूंगा, इस बार को मैंने मौका गंवा दिया, अब तो बस यही कहा जा सकता है कि बैड लक, गेंद बल्ले से नहीं लगी।



