नीतीश और ममता बनर्जी में पक रही खिचड़ी, प्रशांत किशोर नये समीकरण बनाने में जुटे
अजय आलोक के इस्तीफे का कनेक्शन पीके से भी है, हाल ही में प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी की मुलाकात हुई थी, पीके जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
अजय आलोक के इस्तीफे का कनेक्शन पीके से भी है, हाल ही में प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी की मुलाकात हुई थी, पीके जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं।
टीएसमी सुप्रीमो ममता बनर्जी और नीतीश कुमार के बीच कहीं कोई खिचड़ी तो नहीं पक रही, सवाल अटपटा जरुर है, लेकिन इन दिनों पटना से लेकर दिल्ली तक इस बात की खूब चर्चा हो रही है, वैसे भी बिना आग धुंआ तो उठता नहीं, जदयू प्रवक्ता अजय आलोक के इस्तीफे ने कई सवाल खड़े कर दिये हैं, कहा जा रहा है कि अजय आलोक से इस्तीफा देने को कहा गया, क्योंकि ममता बनर्जी को लेकर उन्होने बीजेपी की लाइन कह दी थी।नीतीश को पसंद नहीं आई टिप्पणी
जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने पश्चिम बंगाल के हालिया स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कहा था,
उन्होने कहा कि बंगाल के कुछ जिलों से जान बचाकर लौटे बिहारी परिवारों से मिलने के बाद उन्होने ये बात कही है, पिछले कुछ दिनों में कई परिवारों को बंगाल छोड़ना पड़ा, टीएमसी कार्यकर्ता उनके साथ कथित रुप से जबरदस्ती कर रहे हैं। यही बयान सीएम नीतीश कुमार को पसंद नहीं आया, सुशासन बाबू ने इसे गैर जरुरी माना और जदयू प्रवक्ता को इस्तीफा देने को कहा।
नीतीश का फोन
अजय आलोक का बयान पटना के प्रमुख अखबारों में प्रमुखता से छपा, जिसके बाद नीतीश कुमार ने पार्टी महासचिव केसी त्यागी और प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह को फोन कर अजय आलोक से इस्तीफा लेने को कहा, पार्टी के कुछ दूसरे बड़े नेताओं को अजय के बयान के बारे में जानकारी मिली,
तो उन्होने अजय को बयान वापस लेने की सलाह दी, तो कुछ ने खंडन करने को कहा, लेकिन अजय अपने बयान पर अड़े रहे और पार्टी को इस्तीफा भेज दिया।
पीके से कनेक्शन
अजय आलोक के इस्तीफे का कनेक्शन पीके से भी है, हाल ही में प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी की मुलाकात हुई थी, पीके जदयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हैं,
कहा जाता है कि इस मुलाकात से पहले नीतीश और ममता के बीच फोन पर बातचीत हुई थी, पीके की एजेंसी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी के लिये काम करेगी, पीके के इस फैसले के बाद ही जदयू में भी अटकलों का बाजार गर्म हो गया था, प्रशांत के भविष्य को लेकर तरह-तरह की बातें होने लगी थी, हालांकि नीतीश ने कहा था कि प्रशांत इस पर खुद बात करेंगे।
बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश
पिछले रविवार को पटना में हुई जदयू कार्यकारिणी की बैठक में तस्वीर साफ हो गई, कि नीतीश दोहरा रवैया अपना रहे हैं, पहले इस पर कहा कि प्रशांत खुद सफाई देंगे,
फिर कार्यकारिणी की बैठक में पीके को बगल में बिठाया और जब पत्रकारों ने पीके के डबल रोल के बारे में सवाल किया, तो सुशासन बाबू ने कहा कि व्यक्ति और उसकी कंपनी को एक-दूसरे से जोड़ कर नहीं देखना चाहिये, जब वो पार्टी में रहते हैं, तो पार्टी के लिये काम करते हैं, बाकी अपना काम करने के लिये वो स्वतंत्र हैं।



