मोदी सरकार का बड़ा फैसला, 3.6 करोड़ कर्मचारियों को मिलेगा सीधा फायदा

सरकार ने ईएसआई कानून के अंतर्गत ऐतिहासिक फैसला लिया है, अब अंशदान की दर 6.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया है।

सरकार ने ईएसआई कानून के अंतर्गत ऐतिहासिक फैसला लिया है, अब अंशदान की दर 6.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी कर दिया है।

केन्द्र की मोदी सरकार ने अपना दूसरा कार्यकाल संभालने के साथ ही करोड़ों कर्मचारियों को तोहफा दिया है, सरकार ने कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआई) के स्वास्थ्य बीमा कार्यक्रम में एम्पलायर और एम्पलाई के कुल अंशदान को 6.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी करने का फैसला लिया है, इससे 12.85  लाख नियोक्ताओं को हर साल 5 हजार करोड़ रुपये की बचत होगी, साथ ही करीब 3.6 करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा, श्रम मंत्रालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक घटी हुई दरें 1 जुलाई से प्रभावी होंगी।

3.6 करोड़ कर्मचारियों को फायदा 
श्रम मंत्रालय ने विज्ञप्ति में कहा है कि सरकार ने ईएसआई कानून के अंतर्गत ऐतिहासिक फैसला लिया है, अब अंशदान की दर 6.5 फीसदी से घटाकर 4 फीसदी,
नियोक्ता का अंशदान 4.75 से घटाकर 3.25 और कर्मचारी का अंशदान 1.75 से घटाकर 0.75 फीसदी करने का फैसला लिया है। इससे करीब 3.6  करोड़ कर्मचारियों को फायदा होगा।

5 हजार करोड़ की बचत
एक आकलन के मुताबिक ये कहा जा रहा है कि अंशदान की दर में कमी से इन कंपनियों को सलाना करीब 5 हजार करोड़ की बचत होगी,
साथ ही अंशदान की घटी हुई दर से कामगारों को बहुत राहत मिलेगी, तथा इससे और ज्यादा कामगारों को ईएसआई योजना के अंतर्गत नामांकित कर पाना तथा ज्यादा से ज्यादा श्रमिक बल को औपचारिक क्षेत्र के अंतर्गत लाना सुगम हो सकेगा।

ईएसआई
कर्मचारी राज्य बीमा कानून 1948 के अनुसार बीमित व्यक्तियों को चिकित्सा, नकदी, मातृत्व, निशक्ता और आश्रित होने पर लाभ मिलता है,
ईएसआई कानून के अंतर्गत उपलब्ध कराये जाने वाले लाभ नियोक्ताओं और कर्मचारियों द्वारा किये गये अंशदान के माध्यम से वित्त पोषित होते हैं।