राहुल-प्रियंका से मुलाकात के बाद सिद्धू की चुप्पी से सस्पेंस बढा, बड़ा फैसला ले सकते हैं गुरु

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे स्थानीय निकाय मंत्रालय छिन लिया और उसकी जगह ऊर्जा मंत्रालय दे दिया

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे स्थानीय निकाय मंत्रालय छिन लिया और उसकी जगह ऊर्जा मंत्रालय दे दिया।

पंजाब कांग्रेस में विवाद सुलझता दिख रहा है, दरअसल मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाकात की है, जिसके बाद उनके तेवर ठंडे पड़ गये हैं, अकसर अपने बयानों से सुर्खियां बटोरने वाले सिद्धू की बोलती बंद हो गई है, ना वो जबान से कुछ कह रहे हैं और ना ही उनका ट्विटर बोल रहा है। हालांकि दूसरी ओर कैप्टन खेमा अभी भी उन पर हमलावर है।

नहीं संभाला है नया मंत्रालय
आपको बता दें कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उनसे स्थानीय निकाय मंत्रालय छिन लिया और उसकी जगह ऊर्जा मंत्रालय दे दिया,
जिसके बाद नाराज सिद्धू अपने पुराने मंत्रालय की फाइलें लेकर दिल्ली पहुंचे और राहुल-प्रियंका से शिकायत की, हालांकि कांग्रेस हाईकमान से कोई मजबूत आश्वासन नहीं मिलने के बाद सिद्धू के तेवर ठंडे पड़ गये हैं, उन्होने पूरे मामले में चुप्पी साध ली है।

मनीष तिवारी ने साधा निशाना
भले नवजोत सिंह सिद्धू ने चुप्पी साध रखी हो, लेकिन कैप्टन खेमा अभी भी उन पर हमलावर है, पूर्व केन्द्रीय मंत्री और आनंदपुर साहिब से सांसद मनीष तिवारी ने सिद्धू-राहुल मुलाकात को लेकर कहा,
कि सिद्धू ने पार्टी को नुकसान पहुंचाया है, अब वो दिल्ली जाएं या फिर कोलकाता, कोई फर्क नहीं पड़ता।

पत्नी भी चुप
सिद्धू ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी नवजोत कौर ने भी पूरे मामले में चुप्पी साध ली है, पिछले कुछ दिनों से सिद्धू दंपत्ति ने सीएम कैप्टन के खिलाफ मोर्चा खोल रखा था,
दोनों उनके खिलाफ खुलकर बयानबाजी कर रहे थे, लेकिन कहा जा रहा है कि कैप्टन के दबाव के बाद राहुल-प्रियंका ने सिद्धू से कहा है कि कैप्टन के मुताबिक काम करें और उनके खिलाफ बयानबाजी करने से बचे, इसी वजह से वो चुप हो गये हैं।