चाचा के बाद अब बुआ भी देगी अखिलेश को झटका, मायावती ने डिंपल को लेकर कह दी बड़ी बात

लोकसभा चुनाव में सपा और रालोद से गठबंधन के बावजूद बसपा को सिर्फ 10 सीटें मिली, हालांकि सपा 5 और रालोद तो खाता भी नहीं खोल सकी।

लोकसभा चुनाव में सपा और रालोद से गठबंधन के बावजूद बसपा को सिर्फ 10 सीटें मिली, हालांकि सपा 5 और रालोद तो खाता भी नहीं खोल सकी।

यूपी में अपनी पार्टी के नेताओं के साथ लोकसभा चुनाव परिणाम की समीक्षा करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने बड़ा बयान दिया है, उन्होने कहा कि गठबंधन के बावजूद चुनाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिले, मायावती ने दावा किया कि यादव वोट बसपा को ट्रांसफर नहीं हो पाया, लिहाजा अब दोबारा गठबंधन की समीक्षा की जाएगी, इतना ही नहीं बसपा सुप्रीमो ने तो यहां तक कह दिया कि अखिलेश यादव अपनी पत्नी और भाई को चुनाव नहीं जिता पाये, सूत्रों के अनुसार मायावती के इस रुख  के बाद सपा-बसपा गठबंधन टूट के कगार पर दिख रहा है।

हार की समीक्षा 
बसपा सुप्रीमो मायावती ने दिल्ली में चुनावी हार की समीक्षा की, 2019 लोकसभा चुनाव में बसपा को संतोषजनक सीटें ना मिलने और कुछ प्रदेशों में करारी हार के बाद मायावती ने पार्टी कार्यकर्ताओं की अखिल भारतीय स्तर पर बैठक बुलाई,
यूपी के सभी बसपा सांसदों और जिलाध्यक्षों के साथ बैठक में मायावती ने साफ  कहा, कि पार्टी अब सभी विधानसभा उपचुनाव में लड़ेगी, 50 फीसदी वोट का लक्ष्य लेकर  राजनीति करनी है, साथ ही मायावती ने ईवीएम में धांधली का भी आरोप लगाया।

ईवीएम घोटाला 
मीटिंग से पहले यूपी के श्रावस्ती से नवनिर्वाचित बसपा सांसद राम शिरोमणि वर्मा ने ईवीएम में धांधली का आरोप लगाया, उन्होने कहा कि लंबे पैमाने पर घोटाला हुआ है,
हम लोग पहले से कह  रहे थे कि बैलेट पेपर से चुनाव होना चाहिये, लेकिन उसे ना तो चुनाव आयोग मान रही है, और ना ही सरकार मान रही है, हम चाहते हैं कि बैलेट पेपर से चुनाव कराये जाए, जो निष्पक्ष हो, बहन जी, जो भी दिशा-निर्देश देंगी, हम उसका पालन करेंगे।

6 राज्यों के प्रभारियों की छुट्टी 
हार की समीक्षा करते हुए मायावती ने पार्टी के नवनिर्वाचित सांसदों, जोन इंचार्ज और जिलाध्यक्षों को बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया है,
इससे पहले रविवार को मायावती ने 6 प्रदेशों के प्रभारियों को पद से हटा दिया है, या फिर उनका प्रदेश बदल दिया गया है, साथ ही दो राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष को भी पद से बेदखल कर दिया गया है।

मिली दस सीटें 
आपको बता दें कि लोकसभा चुनाव में सपा और रालोद से गठबंधन के बावजूद बसपा को सिर्फ 10 सीटें मिली, हालांकि सपा 5 और रालोद तो खाता भी नहीं खोल सकी,
उम्मीद के मुताबिक परिणाम ना मिलने से मायावती नाराज बताई जा रही हैं, कहा जा रहा है कि गठबंधन पर भी वो समीक्षा चाहती हैं, ताकि इसे आगे जारी रखा जाए, या फिर अकेले ही मैदान में उतरा जाए।