बंगाल को मिनी पाकिस्तान कहने वाले जदयू प्रवक्ता का इस्तीफा, 2020 में हो सकता है मोदी बनाम नीतीश

जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कह दिया, जो इन दिनों बीजेपी की भी सोच है।

जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कह दिया, जो इन दिनों बीजेपी की भी सोच है।

जदयू प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने पद से इस्तीफा दे दिया है, कहा जा रहा है कि सीएम नीतीश कुमार के दबाव की वजह से उनसे इस्तीफा लिया गया है, अजय आलोक ने ट्विटर पर जानकारी देते हुए लिखा कि कुछ मुद्दों पर उनके विचार पार्टी से मेल नहीं खा रहे थे, जिसकी वजह से उन्होने इस्तीफा देना ठीक समझा, जदयू प्रवक्ता के इस्तीफे ने प्रदेश का सियासी पारा भी चढा दिया है, कहा जा रहा है कि नीतीश 2020 के बाद की स्क्रिप्ट लिख रहे हैं। हो सकता है कि अगला चुनाव नीतीश बनाम मोदी हो।

क्या है पूरा मामला 
दरअसल जदयू प्रवक्ता अजय आलोक ने बंगाल की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए उसे मिनी पाकिस्तान कह दिया, जो इन दिनों बीजेपी की भी सोच है,

इसी बात को गंभीरता से लेते हुए सुशासन बाबू ने इसे ममता बनर्जी पर गैरजरुरी टिप्पणी माना और पार्टी के अंदर संदेश दिया, कि कोई भी बिना सोचे-समझे बयानबाजी ना करे, इसके साथ ही अजय आलोक को इस्तीफा देने के लिये कहा।

बिहार से बाहर गठबंधन नहीं  
जदयू का बिहार से बाहर बीजेपी के साथ गठबंधन नहीं है, हाल ही में कार्यकारिणी की बैठक में फैसला लिया गया, कि जदयू चार राज्यों  में बीजेपी के खिलाफ चुनाव लड़ेगी,
जिसके बाद कहा जा रहा है कि क्या नीतीश 2024 की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन उससे पहले बीजेपी नेता कहते हैं कि 2024 से पहले 2020 है, अगर लोकसभा चुनाव की तरह मोदी मैजिक चला, तो सुशासन बाबू किस कोने में होंगे पता भी नहीं चलेगा।

लोकसभा में शानदार जीत
बिहार में लोकसभा चुनाव में एनडीए को शानदार जीत मिली, 40 में से 39 सीटों पर पार्टी ने जीत का परचम लहराया, हालांकि बीजेपी और जदयू दोनों इस जीत को अलग तरीके से परिभाषित कर रहे हैं,
बीजेपी वाले मोदी की जीत बता रहे हैं, तो जदयू वाले नीतीश के काम के बदले वोट मिलने की बात कह रहे हैं, खैर जो भी हो, इतना तो तय है कि बिहार एनडीए में नॉट ऑल इज वेल है।

2020 की तैयारी 
अगले साल सितंबर-अक्टूबर में बिहार में विधानसभा चुनाव हैं, नीतीश के हालिया बयानों और दूसरी चीजों को देखकर कोई भी  कह सकता है, कि वो बीजेपी के साथ सहज नहीं हैं,
वैसे भी सुशासन बाबू अपने राजनीतिक मूव के लिये जाने जाते हैं, अब देखना है कि उनका अगला फैसला क्या होता है, प्रदेश की जनता उनके अगले मूव पर नजरें टिकाये हुए है। कहा तो ये भी जा रहा है कि 2024 से पहले 2020 में ही मोदी बनाम नीतीश हो सकता है।