जल्द होगा योगी सरकार में मंत्रिमंडल विस्तार, इन नामों पर मुहर लगना तय

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह को भी योगी सरकार में जगह दी जा सकती है।

केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह को भी योगी सरकार में जगह दी जा सकती है।

यूपी की योगी सरकार में चार कैबिनेट मंत्रियों के पद खाली हुए हैं, जिन्हें भरने के लिये सीएम योगी जल्द ही कैबिनेट में फेरबदल कर सकते हैं, योगी कैबिनेट के विस्तार के दौरान कुछ संभावित नामों पर विचार किया जा रहा है, जिसमें सबसे ज्यादा  चर्चा बीजेपी एमएलसी अशोक कटारिया का हो रहा है, साथ  ही विजय बहादुर पाठक को भी रेस में माना जा रहा है, तीसरे नंबर पर विद्या सागर सोनकर का नाम लिया जा रहा है।

पंकज सिंह को भी जगह
सूत्रों का दावा है कि केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बेटे और नोएडा विधायक पंकज सिंह को भी योगी सरकार में जगह दी जा सकती है,
सीएम योगी के शहर गोरखपुर से बीजेपी को दो विधायकों के नामों की भी खूब चर्चा है, जिनमें गोरखपुर से  बीजेपी विधायक राधामोहन दास अग्रवाल  और पिपराइच से बीजेपी विधायक महेन्द्रपाल सैंथवार के नामों की चर्चा है।

योगी सरकार में फिलहाल 46 मंत्री 
मालूम हो कि योगी सरकार में फिलहाल 46 मंत्री हैं, जिनमें 24 कैबिनेट, 13 राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और 13 राज्यमंत्री हैं, चूंकि 4 कैबिनेट मंत्री पद खाली हुए हैं,
तो माना जा रहा है, कि योगी सरकार जल्द ही कैबिनेट में फेरबदल या विस्तार कर सकती है, योगी सरकार बनने के समय मंत्री बनने से चूक जाने वाले कुछ विधायकों को आस है कि इस बार मौका मिलेगा, रेस में शामिल विधायकों ने लामबंदी भी शुरु कर दी है।

ये मंत्री बनें सांसद
अंबेडकर नगर से चुनाव लड़ने वाले सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा को छोड़ सभी मंत्री चुनाव जीत गये, महिला एवं कल्याण मंत्री रीता बहुगुणा जोशी प्रयागराज,
सूक्ष्म एवं लघु उद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी कानपुर, मत्यस्य विभाग संभालने वाले एसपी सिंह बघेल आगरा (सुरक्षित) और बगावत की वजह से ओपी राजभर को पिछड़ा वर्ग कल्याण मंत्री पद से बर्खास्त किया जा चुका है।

संगठन में भेजने की तैयारी
एक्सपर्ट्स की मानें, तो योगी सरकार में विस्तार के बाद जातिय समीकरणों को साधने की कोशिश की जाएगी, इसके साथ ही ये भी दावा किया जा रहा है कि
यूपी बीजेपी संगठन को मजबूत करने के लिये कुछ चेहरों को सरकार से निकाल संगठन में भेजा जा सकता है।