क्या फिर पलटी मारने वाले हैं नीतीश कुमार, विरोधी नेता से मुलाकात, जदयू नेता ने बीजेपी को दी खुली चुनौती
जदयू, राजद और बीजेपी तीनों ही प्रमुख पार्टियों ने प्रदेश में फिलहाल किसी भी तरह के राजनीतिक उलटफेर की संभावना से इंकार किया है।
क्या बिहार में सत्ताधारी बीजेपी और जदयू के बीच सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, क्या जल्द ही नीतीश कुमार एक बार फिर पलटी मारने की तैयारी कर रहे हैं, दरअसल बिहार में इन दिनों नई सियासी हलचल देखने को मिल रही है, इन सवालों के उभरने के पीछे रविवार को हुआ दो वाकया है, पहला जदयू महासचिव पवन वर्मा का बयान और दूसरा सीएम नीतीश कुमार का राजद के एक बड़े नेता से अकेले में हुई मुलाकात।तीनों पार्टियों ने किया इनकार
जदयू, राजद और बीजेपी तीनों ही प्रमुख पार्टियों ने प्रदेश में फिलहाल किसी भी तरह के राजनीतिक उलटफेर की संभावना से इंकार किया है,
हालांकि सवाल ये उठ रहा है कि क्या अंदरखाने कुछ चल रहा है, दरअसल पिछले कुछ दिनों में कुछ ऐसे प्रकरण हुए हैं, जिसे देखकर लगता है कि बीजेपी-जदयू के बीच रिश्तों में तल्खी आ गई है, इसलिये सियासी मुलाकातों के भी मायने निकाले जाने लगे हैं।
जदयू नेता ने दी खुली चुनौती
जदयू महासचिव और नीतीश कुमार के करीबी कहे जाने वाले पवन वर्मा ने बीजेपी को 2020 विधानसभा चुनाव में अकेले चुनाव लड़ने की चुनौती दे दी,
रविवार को एक न्यूज एजेंसी से बात करते हुए उन्होने कहा कि हम लोग देख रहे हैं कि बीजेपी के कुछ नेता नीतीश सरकार से समर्थन वापसी की धमकी दे रहे हैं, उन्हें अकेले होकर चुनाव लड़ लेना चाहिये, चुनावी परिणाम समझ आ जाएगा।
नीतीश ने की सिद्दीकी से मुलाकात
रविवार को सीएम नीतीश कुमार ने दरभंगा दौरे के दौरान राजद के वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दीकी से उनके आवास पर करीब आधे घंटे मुलाकात की,
जिसके बाद कयास लगाये जाने शुरु हो गये, कि राजद के कुछ विधायक टूटेंगे, साथ ही जदयू के साथ कांग्रेस आएगी और प्रदेश की राजनीति को नया आकार मिलेगा।
यहां से बढने लगी बीजेपी -जदयू में दूरी
कहा जा रहा है कि बीजेपी और जदयू के बीच रिशतों में कड़वाहट मोदी सरकार -2 में मनमाफिक मंत्री पद नहीं मिलने से जदयू नाराज है,
नीतीश ने सांकेतिक भागीदारी से इंकार करते हुए मंत्री पद ठुकरा दिया था, इसके बाद उन्होने बिहार में मंत्री मंडल का विस्तार किया, लेकिन बीजेपी के किसी भी नेता को स्थान नहीं दिया। इसके बाद आरएसएस जासूसी मामले ने दोनों में तल्खी और बढा दी, हालांकि नीतीश की मजबूरी ये है कि बिना किसी के मदद के वो सरकार नहीं चला सकते, इस वजह से वो खुलकर कुछ कर नहीं पा रहे हैं।
पीके को नीतीश ने दिया परमिशन
जदयू राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर को नीतीश ने बीजेपी की विरोधी मानी जाने वाले सीएम ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के लिये काम करने की इजाजत दे दी थी,
कहा जाता है कि इससे बीजेपी हाईकमान बेहद नाराज हैं, बीजेपी पश्चिम बंगाल में पूरा जोर लगा रही है, ऐसे में प्रशांत किशोर की रणनीति उन्हें और ज्यादा परेशान कर सकती है।




