धोनी को सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये भेजने पर कोच रवि शास्त्री ने तोड़ी चुप्पी, इनका फैसला था

न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर बुरी तरह फेल रहा, 24 के स्कोर पर ही 4 विकेट खो चुके थे।

न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल में आखिर क्यों महेन्द्र सिंह धोनी को बल्लेबाजी के लिये सातवें नंबर पर भेजा गया, इस बात को लेकर पूरा देश नाराज है, क्रिकेट फैंस से लेकर एक्सपर्ट्स तक हर कोई टीम प्रबंधन के इस फैसले पर सवाल खड़े कर रहा है, हार के बाद पहली बार धोनी के बल्लेबाजी क्रम को लेकर मुख्य कोच रवि शास्त्री ने सफाई दी है, उन्होने उस फैसले का बचाव करते हुए कहा है कि अगर धोनी पहले आउट हो  जाते, तो फिर टीम चेज करने में फंस जाती।

टीम का फैसला था
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक रवि शास्त्री ने कहा कि धोनी को सातवें नंबर पर बल्लेबाजी के लिये भेजने का फैसला पूरी टीम का था, ये आसान फैसला था,
दरअसल अगर धोनी पहले बल्लेबाजी के लिये जाते और जल्दी आउट हो जाते, तो फिर सारा चेज ही बिगड़ जाता, हमें उनके एक्सपीरियंस की जरुरत थी, वो दुनिया के सबसे अच्छे फिनिशरों में से एक हैं, अगर हम उनका इस्तेमाल नहीं करते, तो फिर ये न्याय नहीं होता। टीम का हर खिलाड़ी चाहता था, कि धोनी बाद में बल्लेबाजी करें।

धोनी को पीछे भेजा गया
मालूम हो कि न्यूजीलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल मुकाबले में टीम इंडिया का टॉप ऑर्डर बुरी तरह फेल रहा, 24 के स्कोर पर ही 4 विकेट खो चुके थे,
जिसके बाद माना जा रहा था कि पूर्व कप्तान धोनी को भेजा जाएगा, ताकि पारी को संभाल सके, लेकिन धोनी की जगह हार्दिक पंड्या बल्लेबाजी के लिये आये, जिससे हर कोई हैरान रह गया।

लिटिल मास्टर का गुस्सा
टीम इंडिया आईसीसी विश्वकप से बाहर हो चुकी है, लेकिन हार का पोस्टमॉर्टम जारी है, भारतीय टीम के पूर्व कप्तान और महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने धोनी को पीछे भेजने पर नाराजगी जाहिर की,
उन्होने  कहा कि धोनी को सातवें नंबर पर भेजना बेहद हैरान करने वाला फैसला था।

विराट ने क्या कहा 
कप्तान विराट कोहली ने बताया कि शुरुआती कुछ मैचों के बाद ये रणनीति बनाई गई थी, कि धोनी निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ खेलेंगे,
उन्होने इस मुकाबले में भी जडेजा के साथ शानदार बल्लेबाजी की, टीम में बैंलेंस की जरुरत है, अगर एक खिलाड़ी हिट कर रहा है, तो फिर दूसरे को विकेट बचा कर खेलने की आवश्यकता होती है, जो काम धोनी ने किया, दोनों के बीच 116 रनों की शानदार साझेदारी हुई, हालांकि दुर्भाग्य से हम मंजिल से दूर रह गये।