एक जीरो ने पलटी रोहित शर्मा की किस्मत, ऐसे बनें सबसे विस्फोटक बल्लेबाज

साल 2007 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले रोहित शर्मा 2012 तक टीम में अपने पैर नहीं जमा सके, वो बार-बार अंदर-बाहर होते रहे।

विश्व क्रिकेट में भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा दुनिया के सबसे खतरनाक ओपनर बन गये हैं, लेकिन क्या आपको पता है कि उनका ये सफर जीरो से शुरु हुआ था। 2017 में पाक के खिलाफ शून्य पर आउट होने के बाद रोहित भी भूल गये होंगे, कि उनका नाम रो-हिट कैसे पड़ा, उन्होने कितने गेंदबाजों की नींद उड़ा रखी  है, कितने चौके और छक्के जड़ दिये, कि इसकी कोई गिनती ही नहीं।

पांच साल किया संघर्ष
साल 2007 में इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू करने वाले रोहित शर्मा 2012 तक टीम में अपने पैर नहीं जमा सके, वो बार-बार अंदर-बाहर होते रहे, डेब्यू से लेकर दिसंबर 2012 तक उन्होने कुल 82 पारियां खेली,
जिसमें 29.97 के औसत से 1978 रन बनाये, जिसमें दो शतक और 12 अर्धशतक शामिल है। ये रिकॉर्ड रोहित की पर्सनालिटी को सूट नहीं करता है।

थोड़ा सुधार 
जनवरी 2013 से विश्वकप 2015 तक हिटमैन ने अपने रिकॉर्ड में थोड़ा बदलाव किया, उन्होने 48 मैचों में 53.38 से औसत से 2242 रन बनाये, जिसमें 5 शतक और 13 अर्धशतक शामिल है,
रोहित का करियर धीरे-धीरे पटरी पर आने लगा, टीम में उनकी जगह पक्की हो चुकी थी। अप्रैल 2015 से चैपियंस ट्रॉफी 2017 तक टीम में उनका कद और बढा, जिसका असर उनके खेल पर भी दिखा, इस दौरान उन्होने 23 मैचों में 57.86 के शानदार औसत से 1215 रन बनाये, जिसमें 4 शतक और 6 अर्धशतक शामिल है।

चैपियंस ट्रॉफी 2017
रोहित से रोहिट बनने का सफर चैपियंस ट्रॉफी 2017 के फाइनल से शुरु हुआ, टूर्नामेंट तो खत्म हो रहा था, लेकिन उनका नया सफर शुरु हो  गया,
पाक के खिलाफ फाइनल में भारत को 180 रनों से हार मिली, इस हार के बाद आलोचकों के निशाने पर जो खिलाड़ी सबसे ज्यादा था, वो थे रोहित, इस मुकाबले में हिटमैन खाता तक नहीं खोल सके थे, विराट कोहली, धोनी कोई नहीं चल पाया था, लेकिन हार का ठीकरा फूटा रोहित पर, क्योंकि वो मजबूत शुरुआत दिलाने में असफल रहे थे।

भारत को मिला हिटमैन
चैपियंस ट्रॉफी को भूल टीम आगे बढी और वेस्टइंडीज पहुंची, जहां 5 वनडे मैचों की सीरीज में रोहित टीम का हिस्सा नहीं थे, फिर वेस्टइंडीज के बाद टीम अगस्त में श्रीलंका दौरे पर पहुंची,
जहां रोहित ने पहले वनडे में सिर्फ 4 रन बनाये, फिर दूसरे वनडे में 54 रन, तीसरे वनडे में नाबाद 124 रन और चौथे वनडे में 104 रनों की पारी खेली, यहीं से रोहित की तुलना दुनिया के सबसे विस्फोटक ओपनरों में होने लगी। इसके बाद हिटमैन ने 51 मैच खेले जिसमें 67.30 के औसत से 2894 रन बनाये हैं, जिसमें 13 शतक और 11 अर्धशतक शामिल है।