कर्नाटक- बागी विधायक मानने को तैयार नहीं, सियासी ड्रामे का केन्द्र बना मुंबई
बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं, बागी विधायकों की ओर से केस की पैरवी कर रहे चर्चित वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि विधानसभा स्पीकर अपने दायित्व का पालन नहीं कर रहे हैं।
कर्नाटक में उठा सियासी बवाल थमने का नाम नहीं ले रहा, उल्टा दिनों-दिन बढता ही जा रहा है, अब इस सियासी ड्रामे का केन्द्र बंगलुरु से मुंबई बन गया है, कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायक इस्तीफा देने के बाद मुंबई के एक पांच सितारा होटल में डेरा जमाये हुए हैं, बागी विधायकों ने जान का खतरा बताते हुए मुंबई पुलिस को चिट्ठी लिखी है, और सुरक्षा की मांग की है, जिसके बाद महाराष्ट्र पुलिस ने होटल की सुरक्षा बढा दी है।सुप्रीम कोर्ट पहुंचे बागी विधायक
बागी विधायक सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुके हैं, बागी विधायकों की ओर से केस की पैरवी कर रहे चर्चित वकील मुकुल रोहतगी ने कहा कि विधानसभा स्पीकर अपने दायित्व का पालन नहीं कर रहे हैं,
कर्नाटक में अजीब राजनीतिक स्थिति बन गई है, विधायकों को जनता के बीच दोबारा जाना भी है, बागी विधायक मामले की सुनवाई आज या कल चाहते हैं, चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने कहा कि हम देखेंगे कि मामला कब सुना जाए।
शिवकुमार की होटल बुकिंग कैंसिल
आपको बता दें कि जिस होटल में कांग्रेस और जेडीएस के बागी विधायक रह रहे हैं, उसी होटल में कर्नाटक सरकार के मंत्री और कांग्रेस के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार ने कमरा बुक किया था,
लेकिन होटल ने उनकी बुकिंग बाद में रद्द कर दी। जिसके बाद मीडिया से बात करते हुए शिवकुमार ने कहा कि मैं वहां दोस्तों से मिलने गया था, उन्हें हमसे जान का कोई खतरा नहीं है, वो हमारी ही पार्टी के लोग हैं, हम राजनीति में एक साथ ही पैदा हुए और साथ ही मरेंगे, मैं सिर्फ वहां दोस्तों-भाइयों का हाल-चाल लेने गया था।
विधायक नहीं मिलना चाहते
मुंबई के पांच सितारा होटल में ठहरे कांग्रेस और जेडीएस के 10 बागी विधायकों ने मुंबई पुलिस कमिश्नर को चिट्ठी लिखी है, जिसमें उन्होने बताया है कि उनकी जान को खतरा है,
इसलिये उन्हें सुरक्षा मुहैया कराया जाए, इन विधायकों का कहना है कि वो ना तो कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और ना ही कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार से मिलना चाहते हैं।


