सिद्धू का एक गलत फैसला, और खतरे में पड़ गया सियासी करियर, अब कैप्टन पर टिकी नजरें
सिद्धू के इस्तीफे को लेकर कहा जा रहा है, कि उन्होने कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश की है, सिद्धू ने इसके माध्यम से कांग्रेस को दुविधा में डाल दिया है।
कांग्रेस के फायर ब्रांड नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाब की राजनीति को एक बार फिर से गरमा दिया है, उन्होने राहुल गांधी के बाद सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह को अपना इस्तीफा भेज दिया है, सिद्धू ने अपने इस्तीफे का खुलासा कर कांग्रेस के साथ-साथ पूरे प्रदेश की राजनीति में हलचल मचा दी है, हालांकि इस्तीफा सीएम या राज्यपाल को भेजने के बजाय राहुल गांधी को भेजने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। जिसके बाद सोमवार को उन्होने सीएम को इस्तीफा भेजा, अब सारी नजरें कैप्टन अमरिंदर सिंह पर टिकी हुई है।कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश
सिद्धू के इस्तीफे को लेकर कहा जा रहा है, कि उन्होने कांग्रेस पर दबाव बनाने की कोशिश की है, सिद्धू ने इसके माध्यम से कांग्रेस को दुविधा में डाल दिया है,
अब सबकी नजरें सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह पर टिकी हुई हुई है, कहा जा रहा है कि अहमद पटेल सिद्धू और कैप्टन के बीच सुलह कराने की कोशिश कर रहे हैं।
कैप्टन-सिद्धू में खटपट
आपको बता दें कि सिद्धू और कैप्टन के बीच खटपट की खबर लोकसभा चुनाव से पहले से आ रही है, पंजाब में मनमाफिक सीटें ना मिलने का ठीकरा भी कैप्टन ने सिद्धू के सिर फोड़ा था,
इसके बाद सीएम ने कार्रवाई करते हुए उनका मंत्रालय बदल दिया, नाराज सिद्धू ने राहुल गांधी से मुलाकात की, हालांकि वहां से भी कुछ खास आश्वासन नहीं मिला, तब से सिद्धू ने अपने नये मंत्रालय की जिम्मेदारी नहीं संभाली थी।
हाईकमान से कार्रवाई की मांग
लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू पर हमला बोला था, उन्होने कहा था कि पार्टी हाईकमान मुझ में और सिद्धू में से किसी एक को चुन ले,
हालांकि राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में चुप्पी साध रखी है, उन्होने अहमद पटेल को इस पूरे मामले की सुलझाने की जिम्मेदारी सौपी थी, लेकिन वो भी इस मामले को सुलझा नहीं सके। अब लगता है कि सिद्धू को झुकना ही पड़ेगा, या फिर उनका इस्तीफा मंजूर किया जाएगा।


