आजम खान का बचाव करने पर अखिलेश पर बिफरी स्मृति ईरानी, कही ऐसी बात हो जाएगी बोलती बंद

आजम खान की टिप्पणी पर बिहार के शिवहर सांसद रमा देवी ने कहा कि ये बोलने का सही तरीका नहीं है, साथ ही उन्होने टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया।

मोदी सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी ने लोकसभा में सपा सांसद आजम खान के बयान को बेहद शर्मनाक बताया है, उन्होने ट्विटर पर लिखा है, कि आजम खान द्वारा दिया गया शर्मनाक बयान उनके चरित्र का प्रतिबिम्ब है, उनका बचाव करके सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रमाणित कर दिया,
कि उनकी सोच में भी कोई फर्क नहीं है, जो सदन में महिला के साथ निंदनीय व्यवहार कर सकता है, वो साधारण महिला से किसी तरह का व्यवहार करता होगा, ये तो सोचने वाली बात है।

क्या है मामला 
गुरुवार को लोकसभा में सपा सांसद आजम खान तीन तलाक बिल पर बोल रहे थे, स्पीकर की कुर्सी पर बीजेपी सांसद रमा देवी बैठी थी, तभी रमा देवी ने आजम खान से कहा कि
वो उनकी ओर देखकर अपनी बात रखें, जिस पर आजम ने कहा कि आप मुझे बहुत अच्छी लगती हैं, मेरा मन करता है कि आपकी आंखों में आंखें डाले ही रहूं, इस पर बीजेपी सांसदों ने सदन में हंगाम कर दिया।

रमा देवी ने किया विरोध 
आजम खान की टिप्पणी पर बिहार के शिवहर सांसद रमा देवी ने कहा कि ये बोलने का सही तरीका नहीं है, साथ ही उन्होने टिप्पणी को कार्यवाही से हटाने का आदेश दिया,
जिसके बाद आजम खान ने कहा कि आप बहुत आदरणीय हैं, आप मेरी बहन की तरह हैं, इस बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला कुर्सी पर आ गये, उन्होने कहा कि इस तरह के असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल सदन में ना हो, आजम ने फिर दोहराया, रमा देवी मेरी बहन जैसी हैं, और अगर मैंने उनके खिलाफ असंसदीय शब्दों को इस्तेमाल किया है, तो सदन से इस्तीफा देने को तैयार हूं।

अखिलेश ने किया बचाव
आजम खान के समर्थन में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव आ गये, उन्होने कहा कि मैं नहीं मानता कि आजम खान ने आसन का अनादर किया है, बीजेपी के सांसद बहुत अशिष्ट हैं,
ये उंगली उठाने वाले कौन हैं, उन्होने ये भी कहा कि अगर लोकसभा  स्पीकर सोचते हैं कि रामपुर सांसद द्वारा इस्तेमाल किये गये शब्द असंसदीय है, तो इसे हटाया जाना चाहिये।

शब्द हटाने की जरुरत ना पड़े 
लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला ने कहा कि आप सब के लिये ये कहना आसान है कि इसे हटाइये, उसे हटाइये, लेकिन हटाने की जरुरत ही क्यों पैदा हुई, अगर एक बार कोई टिप्पणी की गई,
तो ये पहले से ही पब्लिक डोमेन में है, इसलिये हम सभी को संसद की मर्यादा को ध्यान में रखते हुए ही बोलना चाहिये, हंगामे के बाद आजम खान और समाजवादी पार्टी के दूसरे सदस्यों ने लोकसभा से वॉकआउट कर दिया था।