लालू परिवार में विरासत की जंग जारी है, पढिये इनसाइड स्टोरी
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने चुप्पी साध रखी है, नतीजों में मिली हार के बाद से अब ज्यादा सक्रिय भी नहीं दिखी हैं।
लोकसभा चुनाव परिणाम के ढाई महीने से ज्यादा समय हो चुका है, इस दौरान बिहार में कई ऐसे मुद्दे उभरकर सामने आये, जो विपक्ष की राजनीति को नई ताकत दे सकता था, लेकिन महागठबंधन का नेतृत्व करने वाले तेजस्वी यादव चुनाव परिणाम के बाद से ही सीन से गायब हैं, राजद की ओर से कभी उनकी बीमारी तो कभी कुछ और बहाना बता दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि लालू परिवार में ही कलह हो रही है, जिसका असर प्रदेश की राजनीति पर भी दिख रहा है।16 अगस्त को बैठक
राजद ने सभी विधायकों और जिला अध्यक्षों की बैठक 16 अगस्त को बुलाई है, ये बैठक राबड़ी देवी के आवास पर होगी,
माना जा रहा है कि सभी विधायकों से एकजुटता दिखाने के लिये तेजस्वी के नेतृत्व में उनका विश्वास व्यक्त कराया जाएगा, हालांकि तेज प्रताप और मीसा भारती की गैर मौजूदगी पर भी सबकी नजरें रहेंगे, लालू परिवार में अंदर ही अंदर विरासत की जंग जारी है, आखिर क्या बात है कि लालू परिवार के भीतर घमासान की बात थम नहीं रही है।
मीसा ने साध रखी है चुप्पी
लोकसभा चुनाव में मिली करारी हार के बाद लालू यादव की बेटी मीसा भारती ने चुप्पी साध रखी है, नतीजों में मिली हार के बाद से अब ज्यादा सक्रिय भी नहीं दिखी हैं,
पूरे चुनावी अभियान के दौरान भी वो पाटलिपुत्र सीट तक ही सीमित रही, जाहिर है कि वो अपनी ही पार्टी में सिर्फ एक सीट तक सिमट कर रह गई है, इसे लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि लालू ने जब 2015 विधानसभा चुनाव में जीत के बाद राजनीतिक विरासत का बंटवारा किया, तो मीसा को दिल्ली और तेजस्वी का पटना की जिम्मेदारी सौंपी, लोकसभा में हार के बाद उन्हें राज्यसभा भेजा गया, ताकि वो दिल्ली की राजनीति करे, लेकिन बीतते वक्त के साथ तेजस्वी हावी होते चले गये और मीसा हाशिये पर हो गई।
दोनों भाई में तल्खी
पाटलिपुत्र सीट से मीसा के टिकट के लिये तेजस्वी के बड़े भाई तेज प्रताप ने जिस तरह से मोर्चा संभाला, और मीसा भारती के उस सीट से चुनाव लड़ने का खुला ऐलान कर दिया,
इससे लालू परिवार में काफी खींचतान दिखी, इसके बाद कई बार तेजस्वी ने अपनी बड़ी बहन और भाई को अनुशासन में रहने की हिदायत भी की, हालांकि दोनों पर इसका असर नहीं दिखा, तेज प्रताप रह रहकर पार्टी के नेताओं के खिलाफ ही बयानबाजी करते रहे।
छोटे भाई ने किया इग्नोर
लालू यादव की अनुपस्थिति में तेजस्वी ने मीसा और तेजप्रताप को इग्नोर किया, लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान 13 मई को तेजप्रताप ने तेजस्वी के सामने ही मंच पर कहा था कि
हमेशा से हम व्याकुल रहे, कि तेजस्वी जी के साथ जो हमारे अर्जुन हैं, उनके कार्यक्रम में जाएं, लेकिन वो पहले ही हेलीकॉप्टर में उड़ जाते हैं, और हम जमीन पर ही रह जाते हैं। तेज प्रताप के बयान से साफ है कि वो हर समय तेजस्वी के साथ रहना चाहते हैं, लेकिन तेजस्वी ने ही उन्हें साइडलाइन कर रखा है।



