कैंसर नहीं बल्कि इस वजह से हुआ अरुण जेटली का निधन, एम्स के डॉक्टर ने बताई पूरी बात

आंतों में रक्तस्त्राव होने के बावजूद अरुण जेटली ने हिम्मत नहीं हारी, साल 2014 में जेटली ने एम्स में गैस्ट्रो यानी पेट से संबंधित एक ऑपरेशन कराया था, जिसके बाद उनका वजन भी काफी कम हुआ था।

पूर्व केन्द्रीय मंत्री अरुण जेटली पिछले कुछ महीनों से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे थे, मोटापा, मधुमेह, गुर्दा, कैंसर, फेफड़े और पेट संबंधी बीमारियों का उन्होने कुछ महीने तो डटकर सामना किया, लेकिन अब एम्स के डॉक्टरों ने खुलासा किया है कि उनका निधन कैंसर या गुर्दा संबंधी बीमारियों की वजह से नहीं बल्कि हार्ट अटैक से हुआ, निधन से पहले 12 घंटे के भीतर दो बार उन्हें हार्ट अटैक आया।

बीमारियों से जूझ रहे थे 
आंतों में रक्तस्त्राव होने के बावजूद अरुण जेटली ने हिम्मत नहीं हारी, साल 2014 में जेटली ने एम्स में गैस्ट्रो यानी पेट से संबंधित एक ऑपरेशन कराया था,
जिसके बाद उनका वजन भी काफी कम हुआ था, ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने उन्हें स्वास्थ्य को लेकर खास सतर्कता बरतने की सलाह दी थी, जिसके बाद वो सुबह से लेकर रात तक संतुलित आहार का सेवन करते थे, सात्विक भोजन के लिये बकायदा उनके घर से टिफिन बनकर वित्त मंत्रालय और संसद तक आता था।

2018 में बिगड़ी तबीयत
2017 में उन्हें किडनी से जुड़ी तकलीफ होनी शुरु हो गई, कई बार डायलिसिस के बाद साल 2018 में उन्होने एम्स में गुर्दारोपण करवाया, गुर्दारोपण के करीब 6 महीने तक तो अरुण जेटली स्वस्थ्य रहे,
फिर डॉक्टरों ने उन्हें आईसोलेशन में रहने की सलाह दी थी, लेकिन इसके बावजूद वो जररुतमंद लोगों को पूरा समय देते थे, जिसकी वजह से दिसंबर 2018 में उनकी तबीयत फिर बिगड़ने लगी।

कैंसर की पुष्टि 
मेडिकल जांच के दौरान उनके फेफड़े में एक प्रकार के कैंसर की पुष्टि हुई, जिसके बाद जनवरी में न्यूॉर्क के डॉक्टरों की टीम ने उनका ऑपरेशन भी किया,
जिसके बाद उनका स्वास्थ्य लगातार गिरता चला गया, वो पहले ही काफी कमजोर हो गये थे, बीते 9 अगस्त को सांस लेने में तकलीफ और फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत की वजह से उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया था, जिसके बाद वो वापस घर नहीं लौट सके।