अमित शाह ने चेताया था, मैं समंदर हूं लौटकर जरुर आऊंगा, पढिये तड़ीपार करने की कहानी
सोशल मीडिया पर लोग सवालिया लहजे में पूछ रहे हैं कि क्या आज के लिये ही अमित शाह ने ये शेर पढा था।
पूर्व गृह मंत्री पी चिदंबरम की गिरफ्तारी के बाद तरह-तरह की प्रतिक्रिया सामने आ रही है, खासकर सोशल मीडिया पर इस मसले पर लोग खुलकर अपनी राय रख रहे हैं, इस पूरे प्रकरण को होम मिनिस्टर अमित शाह से जोड़कर भी देखा जा रहा है, दरअसल यूपीए शासनकाल के दौरान अमित शाह को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, उन्हें जेल में समय गुजारना पड़ा था, गुजरात से उन्हें तड़ीपार कर दिया गया था।बीजेपी नेता का बदला
अब सोशल मीडिया पर लोग कह रहे हैं कि वक्त बदल तुका है, जिस खेल को कांग्रेस नेता ने शुरु किया था, अब वहीं उसके साथ बीजेपी नेता कर रहे हैं, कांग्रेस के रणनीतिकारों को मुंह की खानी पड़ रही है,
7 साल में ही पूरा खेल बदल गया, इस कड़ी में अमित शाह के उस चर्चित शेर को भी याद किया जा रहा है, जो उन्होने 2012 में गुजरात लौटने पर कहा था।
आज के लिये पढा था शेर
सोशल मीडिया पर लोग सवालिया लहजे में पूछ रहे हैं कि क्या आज के लिये ही अमित शाह ने ये शेर पढा था, दरअसल बात 9 साल पुरानी है, देश में यूपीए शासनकाल था,
पी चिदंबरम गृह मंत्री थे, 2008 में मुंबई ब्लास्ट के बाद शिवराज पाटिल को हटाकर उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, तब सोहराबुद्दीन एनकाउंटर मामले में सीबीआई ने अमित शाह को आरोपी बनाया था।
अमित शाह गये थे जेल
25 जुलाई 2010 को अमित शाह को सीबीआई ने गिरफ्तार किया था, गिरफ्तारी से पहले बीजेपी ऑफिस से शाह ने प्रेस कांफ्रेंस की थी, उन्होने खुद पर लगे आरोपों को झूठा और राजनीति से प्रेरित बताया था,
उन्होने कहा था कि कोर्ट में ये मामला बिल्कुल नहीं टिक पाएगा। गिरफ्तारी से पहले शाह 4 दिनों तक लापता थे, फिर उन्हें तीन महीने जेल में बिताना पड़ा, 29 अक्टूबर 2010 को जमानत मिली, लेकिन उनके गुजरात जाने पर रोक लगा दी गई थी।
शाह ने पढा था शेर
अमित शाह दो साल गुजरात से बाहर रहे, फिर 2012 में उनसे पाबंदी हटी, तो गुजरात लौटने के बाद उन्होने एक मीटिंग में हिस्सा लिया, तब उन्होने एक शेर पढा था जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
मेरा पानी उतरता देख
किनारे पर घर मत बना लेना
मैं समंदर हूं,
लौटकर जरुर आऊंगा
इस शेर को आज के हालात से जोड़कर देखा जा रहा है, तब चिदंबरम होम मिनिस्टर थे और सीबीआई अमित शाह के पीछे पड़ी थी, लेकिन आज हालात बिल्कुल उल्टा है।



