जामयांग सेरिंग नामग्याल- कारपेंटर का बेटा, जो दूसरे के लिये लिखता था चिट्ठियां, बीजेपी से ऐसा बना सांसद

जामयांग सेरिंग नामग्याल बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, उनका जन्म साल 1985 में लेह के एक छोटे से गांव माथो में हुआ था।

लद्दाख से बीजेपी सांसद जामयांग सेरिंग नामग्याल ने ऑर्टिकल 370 के खात्मे के बाद लोकसभा में जो भाषण दिया, उसकी खूब चर्चा हुई, खुद प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों से उनके भाषण को एक बार सुनने की अपील की थी, अपने उस भाषण की वजह से बीजेपी सांसद मीडिया से सोशल मीडिया तक छा गये, आपको बता दें कि जामयांग अभी सिर्फ 34 साल के हैं, वो पहली बार लद्दाख से चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं।

साधारण परिवार से ताल्लुक
जामयांग सेरिंग नामग्याल बेहद साधारण परिवार से ताल्लुक रखते हैं, उनका जन्म साल 1985 में लेह के एक छोटे से गांव माथो में हुआ था,
उनके पिता स्टैनजिन दोर्जी मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस में कारपेंटर का काम करते थे, तो मां ईशे पुतित हाउसवाइफ थी।

छात्र राजनीति से शुरुआत 
जामयांग ने जम्मू विश्वविद्यालय से बीए किया और वहीं पढाई के दौरान ही छात्र राजनीति करने लगे, साल 2012 में जामयांग लेह बीजेपी ऑफिस में केयरटेकर के तौर पर काम शुरु किया था,
इस दौरान ऑफिस में आने वाले लोगों के लिये वो चिट्ठियां लिखा करते थे, जो अनपढ थे या पढने -लिखने में असमर्थ होते थे।

बीजेपी प्रत्याशी के लिये प्रचार 
2014 लोकसभा चुनाव में जामयांग ने बीजेपी उम्मीदवार थूपस्तान चवांग के लिये प्रचार का जिम्मा संभाला, उनके चुनाव प्रचार की खूब सराहना हुई, और चवांग 36 वोटों से जीतने में सफल रहे।
फिर 2019 में बीजेपी ने जामयांग को ही चुनावी मैदान में उतार दिया, उन्होने भी पार्टी को निराश नहीं किया और रिकॉर्ड मतों से जीतकर संसद पहुंचे। आपको बता दें कि इसी साल फरवरी में जामयांग की शादी सोनम वांगमो से हुई है, उनकी पत्नी सरकारी कॉलेज में एसोसिएट प्रोफेसर है।

सोशल मीडिया हीरो
ऑर्टिकल 370 पर संसद में उन्होने जोरदार भाषण दिया, जिसकी वजह से उनकी फैन फॉलोइंग में जबरदस्त इजाफा हुआ है,
आलम ये है कि दो दिनों में उन्हें हजारों लोगों ने फेसबुक पर फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजा है, जिसके बाद उन्होने अपील की है, कि वो फ्रेड लिस्ट में अब किसी को एड नहीं कर पा रहे हैं, इसलिये लोग उनके पेज को लाइक कर ले, ताकि उनसे जुड़़े रहें।