बिहार की राजनीति में शोक की लहर, चारा घोटाला आरोपी और बिहार के पूर्व सीएम का निधन
बिहार - जगन्नाथ मिश्रा के भाई ललित नारायण मिश्र इंदिरा सरकार में रेल मंत्री थे, ललित 1973 से 75 तक देश के रेल मंत्री रहे।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और चारा घोटाले में आरोपी डॉ. जगन्नाथ मिश्र का सोमवार को दिल्ली में निधन हो गया, वो 82 साल के थे और परिजनों के मुताबिक पिछले काफी समय से अस्वस्थ्य चल रहे थे, उनका दिल्ली स्थित एक अस्पताल में इलाज चल रहा था, इलाज के दौरान ही सोमवार सुबह उन्होने आखिरी सांस ली, उनके निधन की खबर से बिहार की सियासत में शोक की लहर दौड़ गई है।तीन बार सीएम रहे
आपको बता दें कि जगन्नाथ मिश्र बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे, बचपन से ही उनकी दिलचस्पी राजनीति में थी, उन्होने बतौर लेक्चरर अपने करियर की शुरुआत की थी,
फिर राजनीति में आये और कांग्रेस में शामिल हो गये, जगन्नाथ मिश्र केन्द्रीय मंत्री का दायित्व भी संभाल चुके थे, फिलहाल वो नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल यूनाइटेड में थे।
भाई इंदिरा सरकार में रेल मंत्री
जगन्नाथ मिश्रा के भाई ललित नारायण मिश्र इंदिरा सरकार में रेल मंत्री थे, ललित 1973 से 75 तक देश के रेल मंत्री रहे, 3 जनवरी 1975 को समस्तीपुर बम विस्फोट में उनकी मौत हो गई थी,
जगन्नाथ मिश्र को जमीनी नेता कहा जाता था, उनके नाम मिथिलांचल के कद्दावर नेताओं में लिया जाता था, कांग्रेस छोड़ने के बाद वो राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) में शामिल हुए, इसके बाद जदयू के साथ जुड़े।
चारा घोटाले का आरोप
बिहार के चर्चित चारा घोटाले की शुरुआत जगन्नाथ मिश्रा के मुख्यमंत्री काल में ही हो चुका था, हालांकि मामले का खुलासा उस समय हुआ, जब 90 के दशक में लालू प्रसाद यादव मुख्यमंत्री थे,
जगन्नाथ मिश्रा पर आरोप था कि उन्होने दुमका और डोरंडा निधि से धोखाधड़ कर पैसे निकाले थे, सीबीआई की विशेष कोर्ट ने उन्हें चार साल सजा और दो लाख रुपये आर्थिक जुर्माना भी लगाया था। लालू प्रसाद यादव भी चारा घोटाले में सजायाफ्ता हैं।


