किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं सुषमा स्वराज की लव स्टोरी, घर वाले शादी को नहीं थे राजी
सुषमा और स्वराज कौशल को शादी करने के लिये खूब मेहनत करनी पड़ी थी, क्योंकि दोनों के घर वाले इस शादी के लिये राजी नहीं थे।
बीजेपी की कद्दावर नेता और मोदी सरकार में विदेश मंत्री रह चुकी सुषमा स्वराज का मंगलरात रात हार्ट अटैक से निधन हो गया, सुषमा पिछले तीन दशकों से बीजेपी के मुख्य महिला चेहरे के रुप में पहचानी जाती थी, अपने शानदार भाषण और लाजबाव तर्क से वो अच्छे-अच्छों को चित कर देती थी, मालूम हो कि सुषमा ने उस दौर में लव मैरिज की थी, जब लड़कियों को परदे में रखा जाता था।परिवार वालों को मनाया
सुषमा और स्वराज कौशल को शादी करने के लिये खूब मेहनत करनी पड़ी थी, क्योंकि दोनों के घर वाले इस शादी के लिये राजी नहीं थे, क्योंकि ये उस जमाने की बात है, जब हरियाणा में बेटियों को पर्दे में रखा जाता था, प्रेम विवाह करना तो दूर शादी करने से पहले उन्हें दूल्हे की शक्ल तक नहीं दिखाई जाती थी, लेकिन सुषमा ने हिम्मत दिखाते हुए अपने घर वालों को शादी के लिये राजी कर ली और अपने मनपसंद लड़के से शादी की।
सुषमा के पति
सुषमा के पति का नाम स्वराज कौशल है, दोनों का प्यार कॉलेज के दिनों में परवान चढा था, 13 जुलाई 1975 को दोनों की शादी हुई, स्वराज कौशल सुप्रीम कोर्ट के जाने माने वकील हैं, उन्हें सिर्फ 34 साल की उम्र में देश का सबसे युवा एडवोकेट जनरल बनाया गया था, इसके बाद 37 साल की उम्र में वो मिजोरम के गवर्नर भी बन गये थे, 1990 से 1993 तक इस पद पर रहे, वो राज्यसभा के भी सदस्य रहे हैं।
चंडीगढ से शुरु हुई प्रेम कहानी
सुषमा और स्वराज कौशल की प्रेम कहानी पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ के लॉ विभाग में शुरु हुई थी, यही दोनों पहली बार मिले थे, जिसके बाद जो मुलाकातों का सिलसिला शुरु हुआ, कभी थमा नहीं, प्यार परवान चढने के बाद दोनों ने शादी का फैसला लिया, हालांकि घर वालों को मनाने के लिये उन्हें काफी मेहनत करनी पड़ी।