धोनी का शार्गिद बना विराट कोहली का सबसे बड़ा हथियार, जीता सकता है टी-20 विश्वकप
दीपक चाहर को बतौर तेज गेंदबाज विकसित होने में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का बड़ा रोल रहा है।
टीम इंडिया मौजूदा समय में ऐसे दौर से गुजर रही है, जो इससे पहले शायद ही देखने को मिला होगा, टीम के पास गेंदबाजों की ऐसी फौज है, जो किसी भी बल्लेबाजी क्रम को तहस-नहस करने की क्षमता रखता है, फिर चाहे भुवनेश्वर कुमार, ईशांत शर्मा या शमी जैसे अनुभवी गेंदबाज हो या बुमराह, खलील अहमद और नवदीप जैसे युवा गेंदबाज, अब इस कड़ी में पूर्व कप्तान धोनी के शार्गिद रहे एक ऐसे गेंदबाज का नाम जुड़ गया है, जो अगले साल होने वाले टी-20 विश्वकप के लिये विराट कोहली का बड़ा हथियार बन सकता है।अफ्रीका के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन
यूपी के आगरा में पैदा हुए दीपक चाहर सीमित ओवर प्रारुप में अपने 4 मैच के करियर में ही अपनी पहचान बनाने में सफल रहे हैं,
धोनी ने दिखाई दिशा
दीपक चाहर को बतौर तेज गेंदबाज विकसित होने में टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी का बड़ा रोल रहा है, धोनी द्वारा दिखाये गये आत्मविश्वास का चाहर को काफी फायदा हुआ,
यही वजह है कि उन्होने आईपीएल में सबसे अधिक स्विंग हासिल की, आईपीएल में पावर प्ले में सबसे ज्यादा विकेट लेने का रिकॉर्ड दीपक चाहर के नाम ही दर्ज है।
30 गज का घेरा बना वरदान
धोनी ने आईपीएल में सीएसके लिये खेलते हुए दीपक चाहर को वो भूमिका दी, जिसमें वो अपनी क्षमताओं और कौशल का सबसे अच्छा इस्तेमाल कर सकते हैं,
दीपक के सामने सबसे बड़ी चुनौती ये थी कि उन्हें गेंदबाजी करनी थी, जब तीस गज के घेरे से बाहर सिर्फ दो ही फील्डर होते हैं, बल्लेबाज पावर प्ले का फायदा उठाकर बड़े शॉट खेलता है, लेकिन यही नियम दीपक के लिये मानो वरदान बन गया।
डेथ ओवर्स स्पेशलिस्ट
दीपक चाहर बताते हैं कि जब मैं बैठकर रणनीति बनाता हूं, तो मेरे दिमाग में यही बात होती है, कि मेरे पास सिर्फ दो ही फील्डर हैं, मेरे लिये ये आदत बन चुकी है,
मैं जब भी किसी बल्लेबाज के खिलाफ योजना बनाता हूं, तो यही सोचता हूं, कि मेरे पास दो ही फिल्डर हैं, जिसका फायदा मुझे डेथ ओवर्स की गेंदबाजी में मिलता है।



