क्या शिवसेना के आगे घुटने टेक देगी बीजेपी, जानिये क्या है 50-50 फॉर्मूला?
2019 विधानसभा चुनाव नतीजों से बीजेपी की उम्मीदों को झटका लगा है, क्योंकि बीजेपी 122 से 105 सीटों पर आ गई है।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव परिणाम आये तीन दिन से ज्यादा हो चुका है, लेकिन वहां सरकार का गठन नहीं हो पाया है, कहने को तो बीजेपी-शिवसेना को सरकार बनाने के लिये पूर्ण बहुमत मिल चुका है, लेकिन सत्ता में भागीदारी को लेकर दोनों पार्टियों में अभी से ही रस्साकशी जारी है, शिवसेना ने बीजेपी की मुश्किलों को बढाते हुए 50-50 फॉर्मूले पर अड़ गई है, शिवसेना झुकने के मूड में नजर नहीं आ रही।बीजेपी को झटका
2019 विधानसभा चुनाव नतीजों से बीजेपी की उम्मीदों को झटका लगा है, क्योंकि बीजेपी 122 से 105 सीटों पर आ गई है, आपको बता दें कि महाराष्ट्र में सरकार बनाने के लिये 145 सीटों की आवश्यकता है।
बीजेपी-शिवसेना के पास 161 सीटें है, इसके बावजूद दोनों के बीच सरकार बनाने को लेकर खींचतान जारी है।
कांग्रेस मौके की तलाश में
शिवसेना के साथ ही प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस और एनसीपी का भी मनोबल सातवें आसमान पर है, कांग्रेस ने तो यहां तक कह दिया कि ये जनादेश बीजेपी के खिलाफ है,
इसलिये सभी विपक्षी पार्टियों को बीजेपी के खिलाफ एक हो जाना चाहिये और महाराष्ट्र में सरकार बनाना चाहिये।
क्या है 50-50 फॉर्मूला
शिवसेना ने नतीजे घोषित होते ही स्पष्ट कर दिया कि विधानसभा चुनाव में गठबंधन की हिंदुत्व के एजेंडे पर जीत मिली है, शिवसेना ने कहा कि सीएम देवेन्द्र फडण्वीस के वादे के अनुसार 50-50 फॉर्मूला तय हुआ था, इसलिये अब बीजेपी अपने वादे को पूरा करे।
आपको बता दें कि शिवसेना सीएम की कुर्सी (ढाई-ढाई साल) के साथ ही मंत्रालयों में भी 50-50 फीसदी की भागीदारी चाहती है।
क्या घुटने टेक देगी बीजेपी
फिलहाल तो सबसे बड़ा सवाल ये है कि क्या बीजेपी शिवसेना की मांग के सामने घुटने टेक देगी, परिस्थितियां तो कुछ ऐसी ही है, बीजेपी को पिछली बार से कम सीटें मिली है,
हालांकि इससे पहले भी शिवसेना बीजेपी पर दबाव बनाने की कोशिश कर चुकी है, लेकिन बीजेपी नेतृत्व ने हर बार शिवसेना को साधा है, लेकिन इस बार तो स्पष्ट है कि महाराष्ट्र में बीजेपी अपने बूते सरकार नहीं बना सकती, शिवसेना नहीं तो उन्हें एनसीपी का साथ लेना पड़ेगा।



