अर्जुन तेंदुलकर ने बदल दी यूपी के इस गोलगप्पे बेचने वाले की किस्मत, लगा दिया रनों का अंबार
अर्जुन तेंदुलकर और यशस्वी काफी अच्छे दोस्त हैं, दोनों की दोस्ती बेंगलुरु के नेशनल क्रिकेट एकेडमी में हुई थी, जहां दोनों एक ही कमरे में रहते थे।
विजय हजारे ट्रॉफी में मुंबई की टीम का प्रदर्शन अब तक कुछ खास नहीं रहा है, श्रेयस अय्यर की अगुवाई में टीम ने सात में से तीन मैच जीते हैं, दो में हार का सामना करना पड़ा, और दो मैच बेनतीजा रहे, हालांकि इस टीम के 17 साल के बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल ने अपनी बल्लेबाजी से सभी का दिल जीत लिया है, ये वही यशस्वी हैं, जो कभी मुंबई के आजाद मैदान के बाहर ठेले पर गोलगप्पे बेचा करते थे, यशस्वी की कामयाबी में महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बेटे अर्जुन का भी बड़ा हाथ है, आइये आपको बताते हैं कि क्या है यशस्वी की कामयाबी का अर्जुन कनेक्शनअर्जुन ने पिता से मिलवाया
अर्जुन तेंदुलकर और यशस्वी काफी अच्छे दोस्त हैं, दोनों की दोस्ती बेंगलुरु के नेशनल क्रिकेट एकेडमी में हुई थी, जहां दोनों एक ही कमरे में रहते थे, अर्जुन ने यशस्वी की मुलकात अपने पिता से भी कराई,
युवा बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बहुत बड़े फैन हैं।
सचिन से मुलाकात
पिछले साल 2018 में अर्जुन यशस्वी को लेकर अपने घर पहुंचे, तो सचिन तेंदुलकर ने उनसे मुलाकात की, उन्होने यशस्वी से प्रभावित होकर एक बैट भी गिफ्ट किया,
इतना ही नहीं महान बल्लेबाज ने यशस्वी से अपने डेब्यू मुकाबले में इसी बल्ले से खेलने की गुजारिश की।
सचिन के बैट से खेलते हैं
सचिन तेंदुलकर से बल्ला गिफ्ट मिलने के बाद यशस्वी ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा, उन्होने पहले इंडिया ए के लिये श्रीलंका दौरे पर अपने बल्ले का करिश्मा दिखाया,
अब लिस्ट ए क्रिकेट में ताबड़तोड़ रन बना रहे हैं, यशस्वी जायसवाल ने 4 मैचों में 2 शतक लगाये हैं।
विजय हजारे ट्रॉफी में प्रदर्शन
विजय हजारे ट्रॉफी में यशस्वी ने रनों का अंबार लगा दिया है, उन्होने सिर्फ 4 मैचों में 301 रन बना दिये हैं, इस दौरान उनका औसत 75.25 का है, और वो दो शतक लगा चुके हैं,
बायें हाथ के सलामी बल्लेबाज ने केरल के खिलाफ 122 और गोवा के खिलाफ 113 रनों की पारी खेली, इन आंकड़ों को देख साफ पता चलता है कि उनका भविष्य यशस्वी है।



