दर्श अमावस्या को पड़ रही है इस साल दिवाली, जरुर करें ये काम, बदल जाएगी किस्मत

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र नवग्रहों में प्रमुख स्थान रखता है, ये मन का कारक ग्रह होता है, इसलिये दर्श अमावस्या पर व्रत रखने से मानसिक व्याधियां दूर होती है।

इस साल दिवाली 27 अक्टूबर रविवार के दिन पड़ रही है, हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक मास की अमावस्या को हर साल दिवाली मनाया जाता है, इस दिन कई स्थानों पर काली पूजा भी होती है, इसके अलावा इस दिन माता लक्ष्मी के विशेष पूजन का विधान है, लोग अपने घरों को साफ-सुथरा कर माता लक्ष्मी के आगमन की कामना करते हैं, इसके साथ ही शुभ मूहूर्त में लक्ष्मी-गणेश की पूजा करते हैं, इस बार दिवाली पर दर्श अमावस्या का अद्भुत संयोग बन रहा है।

क्या है दर्श अमावस्या 
धर्म शास्त्रों के अनुसार दर्श अमावस्या के संयोग पर चांद पूरी रात दिखाई नहीं देता है, ऐसी मान्यता है कि ये अमावस्या पूर्वजों की पूजा और पितृ दोष के निवारण के लिये शुभ है,
जो लोग सच्ची श्रद्धा के साथ अपने पूर्वजों को याद करते हैं, उनके ऊपर उनकी कृपा बनी रहती है, दर्श अमावस्या पर व्रत रखने का भी विधान है, चंद्र दोष से मुक्ति पाने के लिये इस दिन व्रत रखना बेहद लाभकारी माना जाता है।

ज्योतिष में दर्श अमावस्या का महत्व 
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चंद्र नवग्रहों में प्रमुख स्थान रखता है, ये मन का कारक ग्रह होता है, इसलिये दर्श अमावस्या पर व्रत रखने से मानसिक व्याधियां दूर होती है,
इसी वजह से ज्योतिष सलाह देते हैं कि दर्श अमावस्या पर चंद्र देव की पूजा करने से जीवन में आ रही बाधाएं दूर होती है, भाग्य वृद्धि और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है।

दर्श अमावस्या के लाभ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कार्तिक अमावस्या माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु को समर्पित है, शास्त्र के जानकारों का मानना है कि जब अमावस्या दर्श अमावस्या से युक्त हो,
तो वो और भी लाभकारी साबित होता है, इस अमावस्या पर लक्ष्मी विष्णु की पूजा करने से जीवन की आर्थिक परेशानियां दूर होती है। विवाह में आ रही अड़चनें समाप्त होती है, इसके साथ ही बीमारियों से भी निजात मिल जाता है।