शनि मकर और कुंभ के स्वामी, जानिये 2020 में किन राशियों पर रहेगा साढेसाती का असर
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिये हर शनिवार शनि मंदिर में जाकर सरसों का तेल चढाना चाहिये, इसके अलावा पीपल के पेड़ की भी पूजा करना शुभ फलदायक माना जाता है।
ज्योतिष में शनि देव को सभी ग्रहों में न्यायधीश का पद मिला हुआ है, शनि अच्छे काम करने वालों को अच्छा और बुरे काम करने वालों को दंड देते हैं, शनि सूर्य देव और माता छाया के पुत्र हैं, शनिवार का दिन शनि देव का होता है, इस दिन भगवान शनि को तेल दान किया जाता है, आइये आपको बताते हैं कि साल 2020 में शनि की साढेसाती किन राशियों पर असर करेगी।मेष, वृष, मिथुन और कर्क राशि पर शनि की दृष्टि
मेष- साल 2020 में मेष राशि के जातकों पर शनि की साढे साती का प्रभाव नहीं रहेगा।
वृष- वृष राशि के जातकों का साल 2020 में साढेसाती से दूर-दूर तक कोई नाता नहीं है।
मिथुन - मिथुन राशि के जातकों की कुंडली में शनि की साढे साती का कोई प्रभाव देखने को नहीं मिलेगा।
कर्क- साल 2020 में इस राशि पर शनि की साढेसाती का कोई असर नहीं रहेगा।
सिंह - इस साल सिंह राशि के जातकों पर शनि का प्रकोप नहीं रहेगा।
कन्या - इस साल कन्या राशि के लोगों पर साढेसाती का असर नहीं होगा।
तुला- साल 2020 में तुला राशि के जातकों पर साढे साती का असर नहीं पड़ेगा।
वृश्चिक - साल 2020 में वृश्चिक राशि के जातकों की कुंडली पर शनि की साढेसाती नहीं है।
धनु - इस साल धनु के जातकों पर शनि की साढेसाती का प्रभाव दिखेगा, शनि की साढे साती आपके अंतिम चरण में है।
मकर - शनि का गोचर आपकी राशि में ही हो रहा है, इसलिये इस साल आप शनि की साढे साती के दूसरे चरण में रहेंगे।
कुंभ- इस साल आपकी साढे साती का प्रथम चरण शुरु हो रहा है, जो अगले 5 सालं तक आपकी कुंडली में रहने वाला है।
मीन - इस साल मीन राशि के जातकों की कुंडली में शनि की साढेसाती नहीं है।
शनिदेव को प्रसन्न करने के लिये हर शनिवार शनि मंदिर में जाकर सरसों का तेल चढाना चाहिये, इसके अलावा पीपल के पेड़ की भी पूजा करना शुभ फलदायक माना जाता है।
इसके अलावा शनिवार के दिन तेल चढाने और पीपल की पूजा करने के अलावा शमी के पेड़ की भी पूजा करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। जिन लोगों पर शनि की दशा या महादशा चल रही हो, वो हर मंगलवार और शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें।


