सरकार बनते ही बदल गये शिवसेना के तेवर, पीएम मोदी के लिये कही ऐसी बात, सब हैरान
सामना में नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए लिखा गया है, महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी-शिवसेना में अनबन है, लेकिन मोदी और ठाकरे का रिश्ता भाई-भाई का है।
महाराष्ट्र में नई सरकार का गठन हो चुका है, शिवसेना, एनसीपी-कांग्रेस गठबंधन महाराष्ट्र विकास आगाड़ी मोर्चा के नेता उद्धव ठाकरे ने सीएम पद की शपथ ली, ऐसा लग रहा है कि मानो सत्ता में आने के बाद शिवसेना के तेवर बदल गये हैं, पिछले कुछ दिनों से शिवसेना के मुख्यपत्र सामना में हर दिन बीजेपी और मोदी सरकार की आलोचना हो रही थी, लेकिन आज सामना के संपादकीय में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जमकर तारीफ की गई है, अखबार में लिखा गया है कि उद्धव ठाकरे और मोदी भाई-भाई हैं।मोदी की तारीफ
सामना में नरेन्द्र मोदी की तारीफ करते हुए लिखा गया है, महाराष्ट्र की राजनीति में बीजेपी-शिवसेना में अनबन है, लेकिन मोदी और ठाकरे का रिश्ता भाई-भाई का है,
इसलिये महाराष्ट्र के छोटे भाई को प्रधानमंत्री के रुप में साथ देने की जिम्मेदारी नरेन्द्र मोदी की है। प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, ना कि सिर्फ एक पार्टी के।
न्योता भेजा था
मालूम हो कि उद्धव ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को शपथग्रहण में शामिल होने के लिये न्योता भी भेजा था, उद्धव ने खुद पीएम मोदी को फोन किया था,
हालांकि पीएम ने आने में असमर्थता जताते हुए फोन पर ही उद्धव को शुभकामनाएं दी। अखबार में आगे लिखा गया है कि पीएम मोदी ने नई सरकार और सीएम को शुभकामनाएं दी है, हमारे प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया है कि उद्धव ठाकरे की अगुवाई में महाराष्ट्र का विकास तीव्र गति से होगा, इसके लिये केन्द्र की नीति सहयोगी वाली होनी चाहिये।
सरकार गिरने का डर
शिवसेना को कहीं ना कहीं सरकार गिरने का भी डर सता रहा है, सामना में लिखा गया कि महाराष्ट्र की जनता ने जो जनादेश दिया है, दिल्ली उसका सम्मान करे,
सरकार की स्थिरता ना डगमगाये इसका भी ख्याल रखे, दिल्ली दरबार में महाराष्ट्र चौथी-पांचवीं कतार में नहीं खड़ा रहेगा, बल्कि आगे रहकर ही काम करेगा, परंपरा यही रही है।
फडण्वीस पर निशाना
सामना में पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडण्वीस पर निशाना साधते हुए लिखा गया है कि पिछली सरकार 5 साल रही, और 5 लाख करोड़ का कर्ज करवा दिया,
अखबार ने लिखा है कि महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की सरकार सत्य और न्याय की सारी कसौटियों पर खरी उतरकर स्थिर रहेगी, 5 साल में राज्य पर 5 लाख करोड़ का कर्ज लादकर फडण्वीस सरकार चली गई, इसलिये नये सीएम ने जो संकल्प लिया है, उस परक तेजी से लेकिन सावधानी पूर्वक कदम आगे बढाना होगा।



