दो भतीजों ने पलट दी पूरी बाजी, परदे के पीछे यूं तैयार हुआ था सरकार बनाने का प्लान

धनंजय ने बीजेपी और अजित पवार की सरकार बनवाने में चाणक्य की भूमिका निभाई, शुक्रवार शाम को उन्होने देवेन्द्र फडण्वीस से मुलाकात की।

महाराष्ट्र की सियासत रातों-रात बदल गई, शनिवार सुबह देवेन्द्र फडण्वीस और अजित पवार ने शपथ लिया, जिसके बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल सा आ गया, एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार से लेकर शिनसेना के नेता तक किसी को यकीन नहीं हो पा रहा था कि आखिरकार रातों-रात राजनीतिक समीकरण कैसे बदल गये, सूत्रों का दावा है कि महाराष्ट्र की सियासत में हड़कंप मचाने वाले कोई और नहीं बल्कि दो भतीजे हैं, ये अजित पवार और धनंजय मुंडे हैं।

धनंजय ने निभाई बड़ी भूमिका
आपको बता दें कि धनंजय मुंडे बीजेपी के पूर्व दिवंगत नेता गोपीनाथ मुंडे के भतीजे हैं, उन्होने अपनी चचेरी बहन पंकजा मुंडे को ही चुनाव में हराया है,
इस बार के विधानसभा चुनाव में भाई-बहन एक ही सीट से चुनाव लड़ रहे थे, धनंजय ने पंकजा को तीस हजार वोटों से हराया।

फडण्वीस से मुलाकात
बताया जा रहा है कि धनंजय ने बीजेपी और अजित पवार की सरकार बनवाने में चाणक्य की भूमिका निभाई, शुक्रवार शाम को उन्होने देवेन्द्र फडण्वीस से मुलाकात की,
इसके बाद अजित पवार के साथ मिलकर सरकार गठन का पूरा प्लान तैयार किया, करियर के शुरुआत में धनंजय बीजेपी के यूथ विंग के नेता थे, लेकिन 2012 में उन्होने बीजेपी छोड़ एनसीपी का दामन थाम लिया, फिलहाल धनंजय मुंडे का फोन कल रात से ही बंद है, वो किसी के संपर्क में नहीं हैं।

दूसरा भतीजा बना डिप्टी सीएम
दूसरे भतीजे ने फडण्वीस के साथ ही डिप्टी सीएम पद का शपथ लिया, शरद पवार के बड़े भाई के बेटे अजित पवार बिना चाचा को भरोसे में लिये बीजेपी से हाथ मिला लिया,
शरद पवार ने कहा है कि वो अजित के खिलाफ एक्शन लेंगे, इसके साथ ही उन्होने दावा किया है कि उन्हें सारे विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

लोगों की समस्या के लिये साथ
शपथ लेने के बाद अजित पवार ने कहा था कि वो लोगों की समस्या खासकर किसानों की वजह से साथ आये हैं, वो किसानों की समस्या खत्म करना चाहते हैं,
उनकी भलाई के लिये काम करना चाहते हैं, पवार ने साथ ही ये भी कहा कि लोगों ने जिसे सरकार बनाने के लिये चुना है, उन्हीं को सरकार बनानी भी चाहिये।