महाराष्ट्र में हुए पॉलिटिकल गेम का आखिर कौन है मास्टरमाइंड? पढिये इनसाइड स्टोरी
शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा करते हुए कहा कि बीती शाम अजित पवार आंखें नहीं मिला पा रहे थे, उन्हें पहले से ही उन पर शक था।
महाराष्ट्र में हुई राजनीतिक उठापटक के पीछे आखिर मास्टरमाइंड कौन है, ये सवाल हर किसी के दिमाग में कौंध रहा है, लेकिन जिस तरह इस पॉलिटिकल गेम को अंजाम दिया गया, उससे साफ है कि पूरे घटनाक्रम के पीछे कहीं ना कहीं अमित शाह की भूमिका है, अमित शाह की अजित पवार के साथ शुक्रवार रात कुछ बात जरुर हुई, क्योंकि अजित पवार रात 9 बजे तक शिवसेना और कांग्रेस के साथ मीटिंग में शामिल थे, फिर अचानक बिना कुछ बोले वो निकल गये।नहीं मिला रहे थे आंखें
शिवसेना सांसद संजय राउत ने दावा करते हुए कहा कि बीती शाम अजित पवार आंखें नहीं मिला पा रहे थे, उन्हें पहले से ही उन पर शक था, फिर सुबह-सुबह जिस तरह से राजनीतिक घटनाक्रम हुआ,
उसके बाद कहा जा रहा है कि उनकी अमित शाह से बातचीत हुई, जिसके बाद पूरी बाजी पलट गई।
शरद पवार को जानकारी ?
हालांकि शरद पवार ने प्रेस कांफेंस कर ये स्पष्ट किया है, कि ये अजित पवार का व्यक्तिगत निर्णय है, लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि शरद पवार और पीएम मोदी के बीच इसी सप्ताह मुलाकात हुई थी, उस मुलाकात में क्या बातचीत हुई, ये किसी को नहीं पता है,
राजनीतिक गलियरों में इस बात की चर्चा है कि शरद पवार का इससे पहले भी ऐसा इतिहास रहा है, तब शरद पवार ने गोपीनाथ मुंडे के भतीजे धनंजय मुंडे को तोड़ा था, इससे पहले जब पहली बार वो महाराष्ट्र के सीएम बने थे, तब भी उन पर आरोप लगा था कि उन्होने कांग्रेस के बड़े नेताओं के साथ दगाबाजी की थी, इस लिहाज से लोगों का ये मानना है कि ये जो कुछ भी हुआ, उस बारे में शरद पवार को सब पता रहा होगा।
भविष्य की राजनीति
अगर देखा जाए, तो शरद पवार शुरुआत से ही किसी बड़े गेम प्लान में लगे हुए दिख रहे थे, सोनिया गांधी ने उन पर भरोसा किया,
बदले हुए राजनीतिक हालात में शरद पवार के राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं, अगर पार्टी टूटती है, तो सबसे ज्यादा नुकसान शरद पवार को ही होगा, क्योंकि अजित पवार की भी महाराष्ट्र की सियासत में खासकर एनसीपी संगठन में अच्छी पकड़ है।


