बीटेक के बाद नौकरी तलाश रही थी ये लड़की, अचानक मिला चुनाव टिकट और रच दिया इतिहास
ओडिशा से संसद में इस बार सबसे कम उम्र की महिला सांसद जीतकर पहुंची है, जी हां, 25 वर्षीय इस महिला सांसद का नाम चंद्राणी मुर्मू है।
ओडिशा से संसद में इस बार सबसे कम उम्र की महिला सांसद जीतकर पहुंची है, जी हां, 25 वर्षीय इस महिला सांसद का नाम चंद्राणी मुर्मू है।
लोकसभा चुनाव 2019 में बीजेपी ने इतिहास रच दिया, पहली बार बीजेपी के सांसदों की संख्या तीन सौ के पार हुई है, इसके साथ ही इस बार 78 महिला सांसद जीतकर संसद पहुंची है, जो अब तक की सबसे ज्यादा संख्या है, ओडिशा से इस बार सबसे ज्यादा 33 फीसदी महिला प्रत्याशी लोकसभा पहुंची है, इतना ही नहीं ओडिशा ने ही इस बार सबसे कम उम्र की महिला सांसद को भी संसद भेजा है।सबसे कम उम्र की सांसद
ओडिशा से संसद में इस बार सबसे कम उम्र की महिला सांसद जीतकर पहुंची है, जी हां, 25 वर्षीय इस महिला सांसद का नाम चंद्राणी मुर्मू है, चंद्राणी ने 2017 में भी इंजीनियरिंग की पढाई पूरी की थी,
नवीन पटनायक की पार्टी बीजू जनता दल ने इस युवा लड़की पर भरोसा जताया, और क्योंझर लोकसभा सीट (आरक्षित) के लोगों ने उन्हें चुनकर संसद भेज दिया।
बीजेपी प्रत्याशी को हराया
25 साल 11 महीने की चंद्राणी मुर्मू लोकसभा में इतिहास लिखने जा रही है, 17वीं लोकसभा चुनाव में उन्होने बीजेपी प्रत्याशी अनंत नायक को करीब 67 हजार वोटों से हराया,
आपको बता दें अनंत नायक दो बार सांसद रह चुके थे, जबकि चंद्राणी पहली बार चुनाव लड़ रही हैं।
नौकरी ढूंढ रही थी
नवनिर्वाचित सांसद ने बताया कि 2017 में उन्होने भुवनेश्वर स्थित एसओए विश्वविद्यालय से बीटेक किया, इसके बाद वो नौकरी तलाश रही थी, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कर रही थी,
31 मार्च को अचानक उनके पास मामा का फोन आया और उन्होने पूछा कि चुनाव लड़ सकती हो, तो चंद्राणी ने हां कह दिया, चंद्राणी ने बताया कि मैंने कभी नहीं सोचा था कि सांसद बनूंगी, राजनीति करुंगी, क्योंकि मेरा राजनीतिक परिवार से ताल्लुक नहीं है।
नवीन पटनायक से मुलाकात
चंद्राणी के मुताबिक मामा के फोन के अगले दिन फिर फोन आया, कि सीएम नवीन पटनायक मुलाकात करना चाहते हैं, तब तक मुझे टिकट की कोई उम्मीद नहीं थी,
सीएम से मुलाकात के बाद 2 अप्रैल को मेरा नाम घोषित कर दिया गया, जीत के बाद चंद्राणी ने क्योंझर की जनता के साथ ही सीएम का भी शुक्रिया अदा किया है, चंद्राणी के नाना हरिहर सोरेन दो बार कांग्रेस से सांसद रह चुके हैं, हालांकि उनका अपना परिवार राजनीति में सक्रिय नहीं है।



