टीम मोदी में नहीं मिली जगह, लेकिन अब मेनका गांधी को मिल सकती है ये बड़ी जिम्मेदारी

मेनका गांधी इससे पहले अटल सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं, कहा जा रहा है कि मेनका को लोकसभा स्पीकर बनाने की तैयारी है।

मेनका गांधी इससे पहले अटल सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं, कहा जा रहा है कि मेनका को लोकसभा स्पीकर बनाने की तैयारी है।

नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक जीत के बाद लगातार दूसरी बार पीएम पद की शपथ ली, राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मोदी को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई, मेनका गांधी को इस बार मोदी सरकार में जगह नहीं दी गई, अब कहा जा रहा है कि मेनका गांधी को 17वीं लोकसभा में अस्थायी अध्यक्ष (प्रो-टर्म स्पीकर) बनाया जा सकता है, सूत्रों के मुताबिक मेनका को ये जिम्मेदारी दी जा सकती है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री 
आपको बता दें कि मोदी सरकार वन में मेनका गांधी महिला एवं बाल विकास मंत्री थी, लेकिन इस बार उन्हें टीम मोदी में शामिल नहीं किया गया है,
इस बार महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की जिम्मेदारी राहुल गांधी को हराने वाली स्मृति ईरानी को सौंपा गया है, जिसके बाद दावा किया जा रहा है कि मेनका को अस्थायी अध्यक्ष बनाया जा सकता है।

क्या होता है अस्थायी अध्यक्ष
मालूम हो कि लोकसभा की अस्थायी अध्यक्ष सदन के नवनिर्वाचित सदस्यों को शपथ दिलाता है, उसके बाद लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव होता है,
मेनका गांधी लोकसभा स्पीकर की रेस में भी शामिल हैं, इस बार मेनका सुल्तानपुर से जीत कर संसद पहुंची हैं, जबकि उनके बेटे वरुण गांधी ने पीलीभीत से जीत हासिल की है।

अटल सरकार में भी मंत्री 
मेनका गांधी इससे पहले अटल सरकार में भी मंत्री रह चुकी हैं, कहा जा रहा है कि मेनका को लोकसभा स्पीकर बनाने की तैयारी है, इस वजह से उन्हें इस बार मंत्रिमंडल से किनारे रखा गया है,
16वीं लोकसभा में सुमित्रा महाजन स्पीकर बनी थी, इस बार सुमित्रा महाजन चुनाव भी नहीं लड़ी।