मोदी ने देसी-विदेशी हजारों लोगों को बुलाया, लेकिन घर वालों को ही नहीं दिया न्योता, मां ने टीवी पर देखा बेटे का शपथ ग्रहण

गुजरात में करीब 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए और पिछले 5 साल से प्रधानमंत्री रहते हुए भी नरेन्द्र मोदी अपने सरकारी आवास और सरकारी आयोजनों से परिवार के सदस्यों को दूर ही रखते हैं।

गुजरात में करीब 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए और पिछले 5 साल से प्रधानमंत्री रहते हुए भी नरेन्द्र मोदी अपने सरकारी आवास और सरकारी आयोजनों से परिवार के सदस्यों को दूर ही रखते हैं।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूसरे कार्यकाल के शपथ ग्रहण समारोह की खूब बातें हो रही है, इस ऐतिहासिक पल के करीब 8 हजार से ज्यादा देसी-विदेशी मेहमान साक्षी बनें, हालांकि इस बार भी नरेन्द्र मोदी ने अपने परिजनों को शपथ ग्रहण समारोह में नहीं बुलाया, उनके परिजनों को भी इस पर कोई आपत्ति नहीं है, बल्कि पीएम की बहन बसंती बेन ने कहा कि उनका जीवन राष्ट्र को समर्पित है।

परिवार के सदस्यों से दूर
दरअसल गुजरात में करीब 15 साल मुख्यमंत्री रहते हुए और पिछले 5 साल से प्रधानमंत्री रहते हुए भी नरेन्द्र मोदी अपने सरकारी आवास और सरकारी आयोजनों से परिवार के सदस्यों को दूर ही रखते हैं,
अपने सीएम आवास की तरह ही प्रधानमंत्री आवास में भी नरेन्द्र मोदी अकेले ही रहते हैं।

मां आकर रुकी थी 
हालांकि पहले कार्यकाल के दौरान उनकी मां हीराबेन कुछ दिनों के लिये 7 लोककल्याण मार्ग स्थित पीएम आवास पर आकर रुकी थीं,
खुद पीएम मोदी ने खुलासा करते हुए बताया था कि मेरी व्यस्तता की वजह से मेरी मां को यहां मन नहीं लगा, हालांकि बीच-बीच में नरेन्द्र मोदी गुजरात जाते रहते थे, तो वो अपनी मां और परिवार के दूसरे सदस्यों से मुलाकात करना नहीं भूलते हैं।

भरा-पूरा परिवार
आपको बता दें कि पीएम नरेन्द्र मोदी का गुजरात में बड़ा परिवार है, उनके सबसे बड़े भाई सोमनाथ मोदी वडनगर में वृद्धाश्रम चलाते हैं,
तो अहमदाबाद के घाटलोदिया में रहने  वाले दूसरे बड़े भाई अमृत मोदी एक निजी कंपनी में फिटर का काम करते हैं, तो छोटे भाई प्रह्लाद मोदी की गल्ले की दुकान है, बहन बसंती मोदी है, इनका भी भरा-पूरा परिवार है।

परिजनों से मिलते रहते हैं
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को अपने भाइयों के बेटे-बेटियों से बेहद लगाव है, हालांकि उन्होने अपने भतीजे-भतीजियों को कभी सिफारिश से कुछ नहीं दिलाया,
बहन हर रक्षा बंधन पर उन्हें राखी बांधती है, या भेजती है, बड़े त्योहारों या फिर किसी सरकारी आयोजन में गुजरात दौरे के क्रम में पीएम मोदी अपने परिजनों से मिलते रहते हैं।