एक रोटी के लिये नौकर ने ले ली मालकिन की जान, सामने आई दंग करने वाली कहानी

मालकिन का गला रेतने के बाद नौकर ने खुद ही मालिक को फोन किया, फिर रिश्तेदारों को लेकर घर भी आया, मौत की सूचना पाने के बाद जो भी लोग घर आ रहे थे, नौकर उन्हें पानी भी पिला रहा था।

मालकिन का गला रेतने के बाद नौकर ने खुद ही मालिक को फोन किया, फिर रिश्तेदारों को लेकर घर भी आया, मौत की सूचना पाने के बाद जो भी लोग घर आ रहे थे, नौकर उन्हें पानी भी पिला रहा था।

हरियाणा के यमुनानगर स्थित न्यू जैन नगर कॉलोनी में एक नौकर ने कथित रुप से एक रोटी के लिये अपनी मालकिन की चाकू से गला रेत कर हत्या कर दी, हरियाणा पुलिस ने शुक्रवार को इस हत्याकांड का खुलासा किया, पुलिस के अनुसार आरोपी नौकर ने बताया कि उसे चार रोटी की भूख रहती थी, लेकिन मालकिन तीन रोटी से ज्यादा नहीं देती थी, इस वजह से वो भूखा रह जाता था, गुस्से में उसने मालकिन की गला रेतकर हत्या कर दी।

हत्या के बाद मालिक को किया फोन 
मालकिन का गला रेतने के बाद नौकर ने खुद ही मालिक को फोन किया, फिर रिश्तेदारों को लेकर घर भी आया, मौत की सूचना पाने के बाद जो भी लोग घर आ रहे थे,
नौकर उन्हें पानी भी पिला रहा था, पुलिस ने जब नौकर से कड़ाई से पूछताछ की, तो फिर उसने जो कुछ बताया वो हैरान करने वाला था।

बिहार का रहने वाला है नौकर
आरोपी नौकर का नाम राजेश पासवान है, उसने 26 वर्षीय रोजी नाम की महिला की हत्या कर दी, रोजी के पति दीपांशु स्चोन क्रेशर संचालक हैं,
पुलिस पूछताछ में राजेश ने बताया कि मालिक दीपांशु की शादी से पहले घर में खाना वही बनाता था, तब जो मन आता था, खाता था, कोई पूछने वाला नहीं था, लेकिन पिछले साल दीपांशु की शादी हो गई, जिसके बाद मालकिन ने उससे खाना बनवाना बंद कर दिया और उसे साफ-सफाई और कपड़े धोने की जिम्मेदारी दी, खाना मालकिन खुद बनाने लगी।

कम खाना देती थी
राजेश ने आगे बताया कि मुझे चार-पांच रोटी की भूख होती है, लेकिन मालकिन तीन से ज्यादा नहीं देती थी, मैंने उनसे कहा कि तीन रोटी से मेरी भूख नहीं मिटती,
लेकिन वो फिर भी रोटी नहीं देती थी, इसी साल मार्च में राजेश के पिता का निधन हो गया, तो वो गांव चला गया, वापस लौटने पर उसे अपने हिस्से से एक रोटी कुत्ते को भी देनी होती थी। राजेश के मुताबिक गुरुवार को उसे जोर की भूख लगी थी, लेकिन मालकिन ने मालिक दीपांशु के आने तक खाना नहीं बनाने की बात कही, जिस पर राजेश को इतना गुस्सा आया, कि उसने किचन से चाकू निकाला, और बिस्तर पर ही मालकिन का गला रेत दिया, मालकिन ने बचने की भरपूर कोशिश की, उसने राजेश के हाथ को दांत से काटा, इसके बावजूद राजेश ने गला रेत दिया।

ऐसे बनाया बचने का प्लान
हत्या के बाद राजेश ने चाकू को किचन में धोकर छिपा दिया, वो अपने कमरे में जाने लगा, लेकिन जब गेट नहीं खुला, तो छोटे गेट से कूदकर बाहर गया, खून लगे कपड़ों को धोया,
फिर दोपहर करीब 1.45 बजे मालिक दीपांशु को फोन किया, और कहा कि मालकिन दरवाजा नहीं खोल रही है, राजेश के मुताबिक वो डर गया था, लेकिन उसे पता था कि अगर भागा, तो कहीं ना कहीं तो पकड़ा जाऊंगा, घर पर रहूंगा, तो शायद कोई शक नहीं करेगा, यही सोचकर घर से नहीं भागा।