स्मृति ईरानी के करीबी नेता हत्याकांड में सामने आया सबसे बड़ा सच, डीजीपी ने बताया क्यों हुई हत्या
इस लोकसभा चुनाव में सुरेन्द्र सिंह स्मृति ईरानी के साथ घूमते थे, वो ज्यादा से ज्यादा समय लोगों से मिलकर बीजेपी को वोट देने की अपील करते थे।
इस लोकसभा चुनाव में सुरेन्द्र सिंह स्मृति ईरानी के साथ घूमते थे, वो ज्यादा से ज्यादा समय लोगों से मिलकर बीजेपी को वोट देने की अपील करते थे।
अमेठी संसदीय क्षेत्र के बरौलिया गांव के पूर्व प्रधान और बीजेपी नेता सुरेन्द्र सिंह हत्याकांड में बड़ा खुलासा हुआ है, दावा किया जा रहा है कि चुनावी रंजिश की वजह से बीजेपी नेता की हत्या की गई, पुलिस ने मामले में नामजद आरोपियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया है, उनके पास से देसी पिस्टल भी बरामद की गई है, एसपी ने बताया कि घटना का खुलासा डीजीपी ने बनारस में किया है, आपको बता दें सुरेन्द्र सिंह की हत्या शनिवार रात अज्ञात बदमाशों ने गोली मार कर की थी।तीन आरोपी गिरफ्तार
पूर्व प्रधान सुरेन्द्र सिंह की हत्या के बाद उनके बड़े भाई नरेन्द्र सिंह ने तहरीर दी थी,
जिसमें उन्होने गांव के बीडीसी रामचंद्र पासी, धर्मनाथ गुप्ता, नसीम, वसीम और फुरसतगंज थाने के गांव पीढी निवासी अतुल सिंह उर्ऱ गोलू को नामजद किया था, इन पर साजिश के तहत हत्या करवाने का आरोप था, पुलिस ने पांच में से तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस दे रही दबिश
एसपी राजेश कुमार ने मामले में जानकारी देते हुए कहा कि तीन आरोपियों के गिरफ्तारी हो चुकी है, उनके पास से देसी पिस्टल और दूसरे आपत्तिजनक सामान मिले हैं,
इसके अलावा स्थानीय पुलिस टीम के साथ-साथ एसओजी और एसटीएफ की टीम भी दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिये लगातार दबिश दे रही है, एसपी के मुताबिक सुरेन्द्र सिंह की हत्या ग्राम प्रधानी चुनाव में उनके बढते दखल को रोकने के लिये की गई है।
झोला छाप डॉक्टर
पूर्व प्रधान की हत्या के बाद उनके बड़े भाई ने जिन पांच लोगों को नामजद किया है, उनमें से दो नसीम और धर्मनाथ गुप्ता झोला छाप डॉक्टर है।
धर्मनाथ जहां पहले धनी जलालपुर में अपना क्लीनिक चलाता था, वहीं बाद में उसने अपने गांव में ही मेडिकल स्टोर और रेडिमेड कपड़े की दुकान खोल ली, जबकि नसीम भी झोलाछाप है, और गांव में क्लीनिक चलाता है।
लोकसभा चुनाव में बढ-चढ कर हिस्सा
आपको बता दें कि इस लोकसभा चुनाव में सुरेन्द्र सिंह स्मृति ईरानी के साथ घूमते थे, वो ज्यादा से ज्यादा समय लोगों से मिलकर बीजेपी को वोट देने की अपील करते थे,
राहुल गांधी की हार के बाद उन्होने विजय यात्रा भी निकाला, जिसकी वजह से कुछ लोगों की नजरों पर चढ गये, हत्या की एक वजह ये भी कही जा रही है।



