दिल्ली की सियासत के चक्कर में सीएम की भी कुर्सी गंवा बैठे चंद्रबाबू, मोदी के खिलाफ कर रहे थे लॉबिंग

पिछले कुछ दिनों से चंद्रबाबू नायडू दिल्ली की सियासत के लिये बेहद सक्रिय नजर आ रहे थे, वो विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर एक फ्रंट बनाने की कोशिश कर रहे थे।

पिछले कुछ दिनों से चंद्रबाबू नायडू दिल्ली की सियासत के लिये बेहद सक्रिय नजर आ रहे थे, वो विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर एक फ्रंट बनाने की कोशिश कर रहे थे।

देशभर में लोकसभा चुनाव के लिये मतों का गणना जारी है, इसके साथ ही आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिये भी काउंटिंग  हुई, आपको बता दें कि सत्ताधारी तेलगू देशम पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है, जिसके बाद सीएम चंद्रबाबू नायडू ने आज ही इस्तीफा देने का फैसला लिया है। आंध्र प्रदेश में अभी भी वोटों की गिनती जारी है, हालांकि रुझानों और नतीजों के बाद सत्ताधारी टीडीपी की विदाई तय मानी जा रही है।

मोदी के खिलाफ लॉबिंग 
आपको बता दें पिछले कुछ दिनों से चंद्रबाबू नायडू दिल्ली की सियासत के लिये बेहद सक्रिय नजर आ रहे थे, वो विपक्ष के नेताओं से मुलाकात कर एक फ्रंट बनाने की कोशिश कर रहे थे,
हालांकि उन्हें दोहरा झटका लगा है, क्योंकि ना सिर्फ केन्द्र में मोदी प्रचंड बहुमत के साथ सत्ता में लौटे हैं, बल्कि आंध्र प्रदेश में भी चंद्रबाबू नायडू ने सीएम की कुर्सी गंवा है, उन्हें जनता ने नकार दिया है।

रुझानों में वाईएसआर आगे 
मालूम हो कि आंध्र प्रदेश में 175 विधानसभा की सीटें हैं, रुझानों के मुताबिक 149 पर वाईएसआर कांग्रेस बढत बनाये दिख रही  है,
जबकि चंद्रबाबू नायडू की पार्टी सिर्फ 25 सीटों पर आगे चल रही है। यानी प्रदेश के अगले सीएम जगन मोहन रेड्डी हो सकते हैं। इसके साथ ही जगन मोहन की पार्टी 14  लोकसभा सीटों पर भी आगे चल रही है।

देश में मोदी 
लोकसभा चुनाव के नतीजों की बात करें, तो एनडीए करीब 325 सीटों पर आगे चल रही है, यूपी में अखिलेश और मायावती का  महागठबंधन भी मोदी का विजयी रथ नहीं रोक सका,
यूपी, बिहार समेत हिंदी बेल्ट में बीजेपी को जबरदस्त सफलता मिली है, इसके साथ ही पश्चिम बंगाल से भी बीजेपी के लिये खुशखबरी है, क्योंकि पार्टी करीब 18 सीटों पर आगे चल रही है।