भोपाल में साध्वी प्रज्ञा या दिग्विजय सिंह, क्या कहता है एग्जिट पोल

इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए दिग्गी राजा को इस सीट से चुनाव लड़ने के लिये भेजा गया।

इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए दिग्गी राजा को इस सीट से चुनाव लड़ने के लिये भेजा गया।

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल पर इस बार पूरे देश की नजर है, प्रदेश के पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह इस सीट से ताल ठोंक रहे हैं, तो मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया है। प्रज्ञा के लगातार विवादित बयानों की वजह से लोगों की जिज्ञासा इस सीट को लेकर बढ गई है, इस सीट पर 6ठें चरण के दौरान 12 मई को मतदान हुआ था, न्यूज-18 के एग्जिट पोल के अनुसार इस सीट पर प्रज्ञा कांग्रेसी दिग्गज को हराती दिख रही है।

35 सालों से नहीं जीती कांग्रेस
साल 1984 में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी की हत्या के बाद हुए लोकसभा चुनाव आखिरी था, जब भोपाल की जनता ने कांग्रेस प्रत्याशी को जिताया था,
कांग्रेस नेता और सामाजिक कार्यकर्ता रहे केएन प्रधान तब चुनाव जीते थे, उसके बाद से ये सीट बीजेपी का गढ बन चुकी है, 1989 से अब तक बीजेपी उम्मीदवार ही यहां चुनाव जीतता है।

दिग्गी राजा को भेजा गया 
इस लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने बड़ा दांव खेलते हुए दिग्गी राजा को इस सीट से चुनाव लड़ने के लिये भेजा गया, राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक दिग्विजय सिंह दो बार प्रदेश के सीएम रहे हैं, वहां की राजनीति में उनका काफी दखल है,
कहा जाता है कि एमपी विधानसभा चुनाव के दौरान जब कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच ताकत को लेकर जोर-आजमाइश चल रही थी, तो दिग्गी राजा ने ही दोनों के बीच सामंजस्य बनाने का काम किया था।

साध्वी प्रज्ञा ठाकुर की एंट्री 
2014 में बीजेपी के आलोक संजर ने इस सीट से जीत हासिल की थी, लेकिन पार्टी ने इस बार उनका टिकट काट दिया और मालेगांव ब्लास्ट की आरोपी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर को यहां से उम्मीदवार बना दिया,


कहा गया कि सिर्फ भोपाल ही नहीं बल्कि साध्वी आस-पास की कुछ सीटों पर भी अपना प्रभाव दिखाएंगी, हालांकि वो लगातार विवादित बयान देकर सुर्खियों में बनी रही, कई बार तो उन्होने पार्टी तक को असहज कर दिया।