बंगाल को लेकर मोदी-शाह का बड़ा दांव, ममता के खेमे में मचा सकती है हड़कंप

पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिये गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहन समारोह में सभी प्रदेशों के राज्यपालों , मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है।

पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिये गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहन समारोह में सभी प्रदेशों के राज्यपालों , मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है।

बीजेपी ने पीएम मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पश्चिम बंगाल से खास मेहमानों को बुलाने का फैसला लिया है, जी हां, बंगाल में पिछले कुछ सालों में जिन 54 बीजेपी कार्यकर्ताओं की हत्या हुई है, उनके परिवार वालों को इस कार्यक्रम में शामिल होने का न्योता भेजा जा रहा है, बीजेपी का आरोप है, कि इन कार्यकर्ताओं को राजनैतिक हिंसा का शिकार बनाया गया। बीजेपी ने उन सभी कार्यकर्ताओं की सूची तैयार कर ली है, जिसमें बताया गया है कि उनकी हत्या कहां, कब और कैसे हुई।

बंगाल में बढेगा उत्साह
आपको बता दें कि बंगाल में बीजेपी कमल की जड़े बिठाने की भरपूर कोशिश कर रही है, 2021 में विधानसभा चुनाव होने हैं,
मोदी-शाह के इस फैसले से बीजेपी कार्यकर्ताओं को मनोबल और बढेगा, दूसरी ओर ममता बनर्जी के खेमे में खलबली मचेगी।

इन्हें भी न्योता 
पीएम मोदी के दूसरे कार्यकाल के लिये गुरुवार को होने वाले शपथ ग्रहन समारोह में सभी प्रदेशों के राज्यपालों , मुख्यमंत्रियों और प्रमुख विपक्षी दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा गया है।
हालांकि ममता बनर्जी ने सुबह कहा था कि वो शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होगी, फिर दोपहर को उन्होने कहा कि उन्होने शपथ ग्रहण समारोह में नहीं शामिल होने का फैसला लिया है।

कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को न्योता 
आपको बता दें कि इस बार शपथ ग्रहण समारोह में बिम्सटेक देशों के सभी नेताओं को न्योता भेजा गया है, सब ने शामिल होने की पुष्टि भी कर दी है,
विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि मॉरिशस के पीएम  प्रविंद कुमार जगन्नाथ और किर्गिस्तान के राष्ट्रपति एस जीनबेकोव ने भी कार्यक्रम  में शामिल होने की सहमति दे दी है।

पाक से किनारा 
2014 में नरेन्द्र मोदी ने सार्क देशों के राष्ट्राध्यक्षों को बुलाया था, जिसमें  पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ भी शामिल थे, हालांकि इस बार मोदी ने पडोसी मुल्क को न्योता नहीं दिया है,
कुछ दिन इमरान खान ने कहा था कि अगर मोदी चुनाव जीतते हैं, तो दोनों देशों के बीच संबंध बेहतर हो सकते हैं।