इस्तीफा देकर बीजेपी के जाल में फंसेंगे राहुल गांधी, लालू यादव ने कही बड़ी बात
लालू यादव ने कहा कि गांधी-नेहरु परिवार से अलग जैसे ही कोई शख्स कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर काबिज होगा, वैसे ही मोदी-शाह के साथ-साथ पूरी बीजेपी बिग्रेड और संघ के लोग उसे कठपुतली कहना शुरु कर देंगे।
लालू यादव ने कहा कि गांधी-नेहरु परिवार से अलग जैसे ही कोई शख्स कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर काबिज होगा, वैसे ही मोदी-शाह के साथ-साथ पूरी बीजेपी बिग्रेड और संघ के लोग उसे कठपुतली कहना शुरु कर देंगे।
बिहार के पूर्व सीएम और राजद सुप्रीमो लालू यादव ने कहा कि राहुल गांधी का कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा देना आत्मघाती कदम होगा, लालू के मुताबिक राहुल का इस्तीफा ना सिर्फ कांग्रेस बल्कि उन दलों के लिये भी आत्मघाती होगा, जो संघ परिवार के खिलाफ लड़ रहे हैं। एक अखबार से बात करते हुए लालू प्रसाद ने कहा कि राहुल गांधी का ऐसा कदम बीजेपी के जाल में फंसने जैसा होगा।कठपुतली कहेंगे
लालू यादव ने कहा कि गांधी-नेहरु परिवार से अलग जैसे ही कोई शख्स कांग्रेस अध्यक्ष के पद पर काबिज होगा, वैसे ही मोदी-शाह के साथ-साथ पूरी बीजेपी बिग्रेड और संघ के लोग उसे कठपुतली कहना शुरु कर देंगे,
राहुल गांधी को अपने राजनैतिक विरोधियों को ऐसा मौका नहीं देना चाहिये, लालू प्रसाद ने कहा कि मोदी की अगुवाई वाली बीजेपी को जीत मिली है, सांप्रदायिक और फांसीवादी ताकतों को हटाने में लगे विपक्ष को हार स्वीकार करनी होगी।
हार पर मंथन
राजद प्रमुख ने कहा विपक्ष को इस बात पर मंथन करना होगा, कि आखिर चूक कहां हुई, लालू यादव ने कहा कि सभी विपक्षी पार्टियां बीजेपी को सत्ता से बाहर करने के लिये एकजुट हुई थी,
लेकिन वो इस पर पूरे देश का नैरेटिव नहीं सेट कर पाएं, विपक्षी दलों ने ये लड़ाई विधानसभा चुनाव की तरह लड़ी, खुद को बीजेपी के विकल्प के रुप में पेश नहीं कर पाई।
हार के बाद बिगड़ी लालू की तबीयत
मालूम हो कि लोकसभा चुनाव परिणाम के बाद से लालू प्रसाद परेशान हैं, उन्होने दोपहर का खाना भी छोड़ दिया था,
पिछले पांच दिनों से ना तो किसी घर के सदस्य ने और ना ही पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता ने उनसे मुलाकात की है, रांची के रिम्स अस्पताल में भर्ती लालू यादव की तबीयत खराब होने की जानकारी सबको है, लेकिन फिर भी कोई मिलने नहीं पहुंचा है।
नहीं मिली एक भी सीट
आपको बता दें कि बिहार में लालू यादव की पार्टी महागठबंधन को लीड कर रही थी, हालांकि लालू की गैर-मौजूदगी में महागठबंधन चारों-खाने चित हो गयी,
सिर्फ एक सीट कांग्रेस को मिली, राजद का खाता तक नहीं खुला, बिहार में 40 में से 39 सीटों पर एनडीए ने कब्जा जमाया। झारखंड में भी राजद का सूपड़ा साफ हो गया है, पार्टी दो सीटों पर चुनाव लड़ी थी, वहां भी हार का सामना करना पड़ा।



