मोदी कैबिनेट की तैयारियां तेज, अमित शाह के साथ इन्हें भी मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी

मोदी कैबिनेट में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा हो रही है, वो नाम है अमित शाह, मोदी के सबसे खासमखास और भरोसेमंद अमित शाह अब संगठन के बाद सरकार में आ सकते हैं।

मोदी कैबिनेट में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा हो रही है, वो नाम है अमित शाह, मोदी के सबसे खासमखास और भरोसेमंद अमित शाह अब संगठन के बाद सरकार में आ सकते हैं।

लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने प्रचंड जीत हासिल की, अब इस जीत के बाद मोदी की नई कैबिनेट पर सबकी नजरें टिकी हुई है,  बीजेपी के अलावा सहयोगी दलों के नेताओं को भी मंत्री पद का शपथ दिलाया जा सकता है, सूत्रों के मुताबिक तेलंगाना, पश्चिम बंगाल समेत इस बार जदयू और अन्नाद्रमुक के नेताओं को भी मोदी कैबिनेट में जगह दी जाएगी, इसके साथ ही सबसे ज्यादा इस बात की चर्चा है कि क्या मोदी के साथ अमित शाह भी शपथ लेंगे।

अमित शाह सरकार में आ सकते हैं
आपको बता दें कि मोदी कैबिनेट में सबसे ज्यादा जिस नाम की चर्चा हो रही है, वो नाम है अमित शाह, मोदी के सबसे खासमखास और भरोसेमंद अमित शाह अब संगठन के बाद सरकार में आ सकते हैं,
दरअसल बीजेपी के संविधान के मुताबिक एक शख्स दो बार से ज्यादा अध्यक्ष नहीं रह सकता, शाह अपना कार्यकाल पूरा कर चुके हैं, कहा जा रहा है कि जेपी, नड्डा, ओपी माथुर और कैलाश विजयवर्गीय में से किसी एक को पार्टी की जिम्मेदारी दी जा सकती है और शाह सरकार में आ सकते हैं।

जदयू को दो मंत्रालय
जदयू के एक नेता ने बताया कि पार्टी को कैबिनेट में कम से कम एक पद मिलने की संभावना है, इसके साथ ही एक राज्यमंत्री का भी पद मिल सकता है,
फिलहाल मोदी सरकार में बिहार से 7 मंत्री हैं, हालांकि इस बार उतने पद तो मिलने से रहे, लोजपा प्रमुख रामविलास पासवान ने पहले से ही बेटे चिराग के लिये लॉबिंग शुरु कर दी है, उन्होने कहा कि लोजपा के कार्यकर्ता चाहते हैं कि चिराग पासवान मंत्री बनें। यानी लोजपा कोटे से इस बार रामविलास की जगह चिराग ही मंत्री बनेंगे।

अहम सदस्यों को बरकरार रखा जाएगा
पीएम मोदी 30 मई को नये कार्यकाल के लिये शपथ लेंगे, राष्ट्रपति भवन ने जानकारी दी है कि मोदी के साथ-साथ उनके मंत्री 30 मई को शपथ लेंगे,
नई सरकार में शामिल चेहरों के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन माना जा रहा है कि पिछली सरकार में अहम भूमिका निभाने वाले मंत्रियों को बरकरार रखा जाएगा। हालांकि वित्त मंत्री अरुण जेटली के स्वास्थ्य को लेकर तरह-तरह की बातें की जा रही है, जिस पर सरकार ने खंडन किया है और अफवाहों से बचने को कहा है।