मोदी कैबिनेट में इन नेताओं को मिलेगी जगह, जेटली की जगह इन्हें मिल सकता है वित्त मंत्रालय
नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से अपना फॉर्मूला लागू करेंगे, 75 पार कर चुके नेताओं को मंत्री पद देने के बजाय आराम करने की सलाह देंगे।
नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से अपना फॉर्मूला लागू करेंगे, 75 पार कर चुके नेताओं को मंत्री पद देने के बजाय आराम करने की सलाह देंगे।
पीएम मोदी गुरुवार 30 मई को अपने दूसरे कार्यकाल के लिये प्रधानमंत्री पद की शपथ लेंगे, इस बात की खूब चर्चा हो रही है, कि पीएम मोदी के साथ-साथ कौन-कौन से चेहरे मंत्री पद की शपथ लेंगे, मोदी के खासमखास अमित शाह पहली बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंचे हैं, उनके बारे में कहा जा रहा है कि उन्हें गृह मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं, और राजनाथ सिंह को रक्षा मंत्रालय दिया जा सकता है।जेटली और सुषमा का काम हलका
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक पीएम मोदी इस बार पुराने मंत्रियों पर तो भरोसा जताएंगे ही, कुछ नये लोगों को भी मंत्रिमंडल में शामिल कर सकते हैं,
वित्त मंत्री अरुण जेटली और सुषमा स्वराज का काम हलका किया जा सकता है, हालांकि इसकी वजह उनका प्रदर्शन नहीं बल्कि स्वास्थ्य हैं, वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी जेटली की जगह पीयूष गोयल को दिया जा सकता है।
इन नेताओं के पास अहम मंत्रालय
मोदी सरकार-2 में राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, निर्मला सीतारमण, पीयूष गोयल और स्मृति ईरानी की ज्यादा जवाबदेही होगी,
75 प्लस वालों को आराम
नरेन्द्र मोदी एक बार फिर से अपना फॉर्मूला लागू करेंगे, 75 पार कर चुके नेताओं को मंत्री पद देने के बजाय आराम करने की सलाह देंगे, हालांकि रामविलास पासवान ने बेटे चिराग की पैरवी की है,
उन्होने कहा कि लोजपा के कार्यकर्ता चाहते हैं कि चिराग मंत्री पद की शपथ लें, हालांकि सूत्रों का कहना है कि मोदी-शाह वापस रामविलास पासवान को ही मंत्री बनाये जाने के पक्ष में हैं।
नड्डा या धमेन्द्र प्रधान को जिम्मेदारी
अगर अमित शाह मोदी सरकार में शामिल होते हैं, तो बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी जेपी नड्डा या धर्मेन्द्र प्रधान को दिया जा सकता है,
हालांकि रेस में नाम भूपेन्द्र यादव और ओपी माथुर का भी है। जे पी नड्डा के नाम की सबसे ज्यादा चर्चा इसलिये हो रही है, क्योंकि वो मोदी-शाह के सबसे भरोसेमंद माने जाते हैं।



