आखिर टीम मोदी में राधामोहन सिंह और रामकृपाल यादव को क्यों नहीं मिली जगह, ये है इनसाइड स्टोरी
पिछली सरकार में कृषि मंत्रालय का प्रदर्शन खास नहीं रहा, विपक्ष ने कई बार किसानों की हालत को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा।
पिछली सरकार में कृषि मंत्रालय का प्रदर्शन खास नहीं रहा, विपक्ष ने कई बार किसानों की हालत को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा।
पीएम मोदी ने गुरुवार शाम दोबारा प्रधानमंत्री पद की शपथ ली, उनके साथ कुल 57 मंत्रियों ने पद और गोपनीयता की शपथ ली, हालांकि इस बार उनके कैबिनेट के कई चेहरे बदल गये हैं, पिछली सरकार के 22 मंत्रियों को इस बार ड्रॉप किया गया है, जिसमें बिहार से कैबिनेट मंत्री राधामोहन सिंह और केन्द्रीय राज्यमंत्री रामकृपाल यादव को इस बार टीम मोदी में स्थान नहीं दिया गया है।पिछला परफॉरमेंस खास नहीं
आपको बता दें कि राधा मोहन सिंह 6ठीं बार मोतिहारी पूर्वी चंपारण से जीतकर पहुंचे हैं, कृषि मंत्रालय में उनके सहयोगी मंत्री रहे गजेन्द्र सिंह शेखावत को दोबारा कैबिनेट में जगह दी गई है,
लेकिन राधा मोहन सिंह को ड्रॉप किया गया है, कहा जा रहा है कि पीएम मोदी उनके पहले कार्यकाल के परफॉरमेंस से खुश नहीं थे, इस वजह से उन्हें दोबारा टीम मोदी में शामिल नहीं किया।
ये है खास वजह
पिछली सरकार में कृषि मंत्रालय का प्रदर्शन खास नहीं रहा, विपक्ष ने कई बार किसानों की हालत को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधा,
तो किसानों ने भी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने की भरपूर कोशिश की, दिल्ली में धरना-प्रदर्शन भी हुए, जाहिर सी बात है कि इस बार राधामोहन सिंह के पीछे छूट जाने की ये वजह हो सकती है। नयी सरकार में कृषि मंत्रालय का जिम्मा नरेन्द्र सिंह तोमर को सौंपा गया है।
रामकृपाल बाहर क्यों
मोदी सरकार वन में राज्यमंत्री रहे रामकृपाल यादव को इस बार बाहर रखा गया है, आपको बता दें कि रामकृपाल ने राजद मुखिया लालू यादव की बेटी मीसा भारती को पाटलिपुत्र सीट से शिकस्त दी है,
हालांकि इसके बावजूद उन्हें टीम मोदी में जगह नहीं दी गई।
क्या है खास वजह
माना जा रहा है कि रामकृपाल की जगह नित्यानंद राय को शामिल किया गया है, दरअसल नित्यानंद राय ने उजियारपुर सीट से रालोसपा प्रमुख उपेन्द्र कुशवाहा को हराया,
साथ ही बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष के रुप में घटक दलों के साथ उनका तालमेल अच्छा है, इसलिये उन्हें ईनाम के तौर पर मंत्री पद मिला, रामकृपाल और नित्यानंद राय एक ही जाति से आते हैं, इसलिये दोनों में से एक को ही मंत्री पद मिला।



