विश्वकप के बादशाह हैं सचिन तेंदुलकर, संन्यास के बाद भी अब तक नहीं टूटे हैं ये बड़े रिकॉर्ड्स

शतकों के शहंशाह कहे जाने वाले सचिन ने विश्वकप में सबसे ज्यादा शतक लगाये हैं, उन्होने इस टूर्नामेंट में अपना पहला शतक साल 1996 में केन्या के खिलाफ बनाया था।

शतकों के शहंशाह कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने विश्वकप में सबसे ज्यादा शतक लगाये हैं, उन्होने इस टूर्नामेंट में अपना पहला शतक साल 1996 में केन्या के खिलाफ बनाया था।

आईसीसी विश्वकप के 12वें संस्करण के शुरुआत में अब कुछ ही दिन बाकी रह गया है, इंग्लैंड की जमीन पर होने वाले क्रिकेट के इस महाकुंभ की तैयारी में सभी टीमें लगी हुई है, इस बार विश्वकप में दस टीमें भाग लेगी, हर खिलाड़ी पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर नये कीर्तिमान बनाने के लिये तैयार है, ऐसे में आज हम आपको क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर के बारे में बताते हैं, जिनके विश्वकप के रिकॉर्ड्स अभी तक कोई बल्लेबाज नहीं तोड़ पाया है।

6 विश्वकप खेला
सचिन तेंदुलकर ने अब तक 6 विश्वकप खेले हैं, साल 1992 से शुरु होकर 1996, 1999, 2003, 2007 और 2011, इस दौरान उन्होने रिकॉर्डों का अंबार लगा दिया,
हालांकि बीते कुछ सालों में उनके कुछ रिकॉर्ड टूटे भी, लेकिन कुछ अभी भी डटे हुए हैं, आइये उनके विशालकाय रिकॉर्ड्स के बारे में बात करते हैं।

सबसे ज्यादा रन 
मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने विश्वकप में कुल 2278 रन बनाये हैं, इस दौरान उनका औसत 56.95 का रहा है, फिलहाल सचिन के इस रिकॉर्ड के पास भी कोई मौजूदा बल्लेबाज नहीं है,
यानी इस विश्वकप में भी उनका ये रिकॉर्ड टूटने के आसार नहीं है।

सबसे ज्यादा शतक और अर्धशतक
शतकों के शहंशाह कहे जाने वाले सचिन ने विश्वकप में सबसे ज्यादा शतक लगाये हैं, उन्होने इस टूर्नामेंट में अपना पहला शतक साल 1996 में केन्या के खिलाफ बनाया था,
इसके साथ ही अर्धशतकों के मामले में भी सचिन सबसे आगे हैं, उन्होने कुल 15 अर्धशतक लगाये हैं, जिसमें सबसे ज्यादा 6 अर्धशतक साल 2003 विश्वकप में लगाये थे, जिसमें टीम इंडिया फाइनल तक पहुंची थी।

एक विश्वकप में सबसे ज्यादा रन
सचिन तेंदुलकर ने एक विश्वकप में सबसे ज्यादा रन का रिकॉर्ड भी बना रखा है, साल 2003 में उन्होने 11 मुकाबलों में 673 रन बनाये थे,
जो एक टूर्नामेंट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सबसे ज्यादा रन है, दुनिया के तमाम दिग्गजों के सामने सचिन के ये रिकॉर्ड्स बड़ी चुनौती है, जिन्हें वो तोड़ना चाहेंगे।