मोदी सुनामी के बावजूद हार गये बीजेपी के ये दिग्गज, सूची में शब्दों के बाजीगर का नाम भी शामिल
आइये कुछ ऐसे नामों को बताते हैं, जो मोदी लहर के बावजूद हार गये।
आइये कुछ ऐसे नामों को बताते हैं, जो मोदी लहर के बावजूद हार गये।
मोदी की प्रचंड लहर पर सवार होकर बीजेपी लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर चुकी है, लेकिन हैरानी की बात ये है कि मोदी लहर के बावजूद बीजेपी को कुछ बड़े चेहरे को हार का सामना करना पड़ा, जवाहर लाल नेहरु और इंदिरा गांधी के बाद नरेन्द्र मोदी देश के तीसरे प्रधानमंत्री हैं, जो पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लौटे हो, इसके साथ ही मोदी ने ये धारणा भी तोड़ दी है, कि केन्द्र की सत्ता में गठबंधन से ही सरकार बनेगी। आइये कुछ ऐसे नामों को बताते हैं, जो मोदी लहर के बावजूद हार गये।डॉ. संबित पात्रा
ओडिशा के पुरी लोकसभा सीट से चुनावी ताल ठोंक रहे बीजेपी उम्मीदवार संबित पात्रा हार गये हैं, उन्हें बीजेडी के पिनाकी मिश्रा ने 11, 714 वोटों से हराया है।
संबित को कुल 46.37 फीसदी वोट मिले, जबकि पिनाकी मिश्रा को 47.4 फीसदी वोट मिले, बीजेपी के प्रवक्ता संबित पात्रा मूल रुप से ओडिशा के ही रहने वाले हैं, वो पार्टी की ओर से टीवी चैनलों पर पक्ष रखते दिखाई देते हैं।
मनोज सिन्हा
यूपी के गाजीपुर लोकसभा से केन्द्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को बसपा के अफजाल अंसारी ने 1.19 लाख वोटों से हराया है,
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक मनोज सिन्हा को 4,46,690 वोट मिले, जबकि अफजाल अंसारी को 5,66,082 वोट मिले, मनोज सिन्हा पीएम मोदी के भरोसेमंद और करीबी भी माने जाते हैं, 2014 में 32 हजार वोटों से चुनाव जीते थे।
दिनेश लाल यादव निरहुआ
भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ आजमगढ से चुनाव लड़ रहे थे, हालांकि उनका जादू नहीं चल सका, पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने उन्हें 2 लाख से ज्यादा वोटों से हरा दिया।
निरहुआ ने इसी साल मार्च में पार्टी ज्वाइन किया था, अगले ही महीने पार्टी ने उन्हें आजमगढ से टिकट दे दिया, हालांकि भोजपुरी एक्टर कुछ खास कमाल नहीं कर सकें।
जया प्रदा
रामपुर लोकसभा सीट से सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान ने जीत हासिल की, उन्होने एक्ट्रेस जया प्रदा को 1 लाख से ज्यादा वोटों से हराया है,
चुनाव आयोग की वेबसाइट के मुताबिक आजम खान ने जया प्रदा को 1 लाख 9 हजार से ज्यादा वोटों से हराया है, आपको बता दें कि आम चुनाव से ठीक पहले जया प्रदा ने बीजेपी का दामन थामा था, इससे पहले वो समाजवादी पार्टी में थी।



