पहले किया मंत्री पद से बर्खास्त, अब राजभर को और तगड़ा झटका देने की तैयारी में सीएम योगी
योगी सरकार में मंत्री पद मिलने के बाद भी बार-बार राजभर सरकार और बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी करते रहे, जिससे कई बार बीजेपी असहज दिखी।
योगी सरकार में मंत्री पद मिलने के बाद भी बार-बार राजभर सरकार और बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी करते रहे, जिससे कई बार बीजेपी असहज दिखी।
ओम प्रकाश राजभर की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही है, मंत्री पद गंवाने के बाद अब पार्टी पर भी संकट के बादल छाने लगे हैं, सियासी हलकों में इस बात की खूब चर्चा हो रही है, कि राजभर के विधायक बगावत को तैयार बैठे हैं, बीजेपी उन्हें अपने खेमे में लाने की तैयारी कर रही है, जल्द ही राजभर अपनी पार्टी के इकलौते विधायक रह जाएंगे, हालांकि राजभर ने भी इन चर्चाओं को बल दिया है, उन्होने कहा कि जिसे जहां जाना है जाए, हम किसी को नहीं रोकेंगे।4 विधायक जीते
वैसे तो ओपी राजभर ने सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी साल 2002 में बनाई थी, लेकिन 2017 विधानसभा चुनाव में इसका खाता खुला, राजभर ने बीजेपी के साथ विधानसभा चुनाव में गठबंधन किया,
पार्टी को 8 सीटें मिली, जिसमें से चार पर जीत हासिल की, खुद ओपी राजभर गाजीपुर के जहूराबाद से विधायक बनें, साथ ही त्रिवेणी राम भी इसी जिले के जखनिया और कैलाशनाथ सोनकर वाराणसी की अजगरा सीट से जीते, रामानंद बौद्ध कुशीनगर के रामकोला सीट से विधायक बनें, ओपी राजभर को छोड़ उनके तीनों विधायक अनुसूचित जाति के हैं।
तीनों विधायक असंतुष्ट
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक सुभासपा के तीनों विधायक राजभर की कार्यप्रणाली और उपेक्षा की वजह से पहले से ही असंतुष्ट हैं,
रामानंद बौद्ध को छोड़ बाकी दोनों विधायक ने इस लोकसभा चुनाव में पार्टी के कार्यक्रमों से भी दूरी बनाये रखी, रामानंद भी अपनी भूमिका कुशीनगर तक ही सीमित रखी। सूत्रों का कहना है कि बीजेपी इसी नाराजगी का फायदा उठाकर तीनों विधायकों को अपने खेमे में लाने की कोशिश तेज कर दी है, ताकि राजभर को तगड़ा झटका दिया जा सके।
बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी
आपको बता दें कि योगी सरकार में मंत्री पद मिलने के बाद भी बार-बार राजभर सरकार और बीजेपी के खिलाफ बयानबाजी करते रहे, जिससे कई बार बीजेपी असहज दिखी,
लोकसभा चुनाव के दौरान भी उन्होने खूब बयानबाजी की, हालांकि जैसे ही मतदान खत्म हुए, तुरंत सीएम योगी ने उन पर हंटर चलाया और उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया, अब उनके विधायकों को तोड़ अगले झटके की तैयारी की जा रही है।


