खुद नहीं मिला टिकट, तो विज्ञापन देकर की थी शादी, दो बार विधायक, तो इस बार सांसद बनीं पत्नी
विज्ञापन में राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली लड़की को तरजीह देने की बात भी कही गई थी, 16 लड़कियों में से कविता को शादी के लिये चुना गया।
विज्ञापन में राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली लड़की को तरजीह देने की बात भी कही गई थी, 16 लड़कियों में से कविता को शादी के लिये चुना गया।
लोकसभा चुनाव 2019 में कई युवा चुनाव जीतकर संसद पहुंचने में कामयाब रहे, 17वीं लोकसभा में 40 साल से कम उम्र के सांसदों की संख्या 64 है, इन्हीं में से एक नाम सिवान सांसद कविता सिंह का भी है, जी हां, जदयू के टिकट पर चुनाव जीत पहली बार संसद पहुंचने वाली 29 वर्षीय कविता सिंह ने शहाबुद्दीन की पत्नी हीना शहाब को हराया है। आपको बता दें कि कविता भी बाहुबलि नेता की ही पत्नी हैं।फिल्मी है कहानी
आपको बता दें कि ये लगातार तीसरी बार है, जब सिवान सीट से शहाबुद्दीन या उनकी पत्नी चुनाव हारी हैं, हालांकि कविता सिंह खुद बाहुबलि अजय सिंह की पत्नी हैं,
कविता और अजय की शादी और विधायक बनने का सफर किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है, आइये आपको बताते हैं कि आखिर कैसे एक सीधी-साधी लड़की राजनेता बन गई।
दरौंदा विधानसभा क्षेत्र
सिवान लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत दरौंदा विधानसभा क्षेत्र आता है, ये सीट साल 2011 में तत्कालीन विधायक जगमातो देवी के निधन के बाद अचानक खाली हो गई,
जगमातो देवी के बेटे अजय सिंह ने इस सीट के लिये दावेदारी ठोंकी, लेकिन अजय सिंह के आपराधिक रिकॉर्ड को देखते हुए सीएम नीतीश कुमार ने उन्हें टिकट देने से मना कर दिया, हालांकि सुशासन बाबू ने कहा कि अगर उपचुनाव से पहले वो शादी कर लें, तो उनकी पत्नी को टिकट दिया जा सकता है।
दर्जनों मामले दर्ज
अजय सिंह दरौंदा विधानसभा के बाहुबलि माने जाते हैं, उन पर हत्या, किडनैपिंग, रंगदारी मांगने समेत 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं, इस वजह से तुरंत उनके लिये शादी के लिये लड़की ढूंढना आसान नहीं था,
सो 2011 में अजय सिंह ने अखबार में अपनी शादी का विज्ञापन दिया, जिसमें शर्त रखा, कि होने वाली दुल्हन का नाम वोटर लिस्ट में होना चाहिये, साथ ही उनके पास वोटर आई कार्ड और उम्र 25 साल से अधिक होनी चाहिये।
पितृपक्ष में हुई शादी
विज्ञापन में राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली लड़की को तरजीह देने की बात भी कही गई थी, 16 लड़कियों में से कविता को शादी के लिये चुना गया,
तब कविता छपरा की जेपी यूनिवर्सिटी से मास्टर्स कर रही थीं, पितृपक्ष में ही दोनों की शादी हो गई, आमतौर पर पितृपक्ष का 15 दिन का समय ऐसा होता है, जिसमें हिंदू कोई भी शुभ कार्य करना ठीक नहीं समझते। इसके बावजूद दोनों के घरवालों ने शादी करा दी।
सबसे कम उम्र की विधायक
शादी के कुछ दिन बाद ही 2011 दरौंदा उपचुनाव में कविता सिंह ने जीत हासिल की, वो बिहार विधानसभा की सबसे कम उम्र की विधायक बनीं, यहीं से उनके राजनीतिक सफर की शुरुआत हुई, अपने पति बाहुबलि अजय सिंह के बदौलत दो बार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद कविता इस बार सिवान से लोकसभा चुनाव लड़ी औरह 1.16 लाख वोटों से जीत हासिल की।



